महोत्सव में पहले दिन योगाचार्य आकाश जैन, योगाचार्य राधिका गुप्ता ने सूर्य नमस्कार के पांच तत्व, डॉ. योगऋषि विश्वकेतु ने हिमालयन श्वास प्राणायाम और सियाना शरमेन ने रसा योग, जिसमें करुणा के चक्र पर ध्यान केंद्रित किया गया। स्टुअर्ट गिलक्रिस्ट ने कुंडलिनी एक्सप्रेस, टॉमी रोजेन ने आध्यात्मिक आहार के प्राचीन रहस्य, आनंद मेहरोत्रा ने शक्ति जागरण की विशेषताएं बताईं। टॉमी रोजेन ने कहा कि नशा वह स्थान है जहां कुछ भी जुड़ा हुआ नहीं होता। लेकिन, योग वह स्थान है जहां सब कुछ जुड़ा हुआ है। योग ही नशा मुक्ति है। नशा मुक्ति ही योग है। दोनों एक दूसरे के बिना नहीं हो सकते।
आयुर्वेद सत्र में अमीषा शाह और डॉ. गणेश राव ने योग की समग्रता और इसके मानसिक, शारीरिक और आत्मिक संतुलन की महत्ता पर जानकारी दी। जोसेफ शमिडलिन ने गोंग बाथ-रिकवरी साउंड बाथ का अभ्यास कराया गया, जो प्रतिभागियों को आत्म-खोज और आंतरिक शांति की यात्रा पर ले गया। शाम को गंगा घाट पर गंगा आरती और संकीर्तन का आयोजन किया गया। इसमें कनाडा के तीसरी पीढ़ी के कीर्तन गायक गुरु निमत सिंह और भारत के प्रसिद्ध संगीतज्ञ सत्यानंद ने संकीर्तन किया।