उन्होंने कहा कि वाण गांव नंदा राजजात यात्रा का अंतिम बसागत गांव है। जबकि वेदनी बुग्याल, मोनाल टॉप, रूपकुंड ट्रैक का बेस कैंप गांव होने के कारण यहां हर साल हजारों पर्यटक आते हैं, लेकिन स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर एनएम सेंटर और एकमात्र आयुर्वेदिक चिकित्सालय है।
आपातकालीन स्थिति और गर्भवतीयों को प्राथमिक उपचार के लिए 45 किमी दूर देवाल जाना पड़ता है। उन्होंने मांग की कि वाण गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खुलना चाहिए जिससे आने वाली राजजात यात्रा में श्रदालुओं को भी दिक्कत न हो पाए।