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नमो क्रिकेट लीग: सीएम धामी ने बल्ले पर आजमाया हाथ, क्रिकेट खेल युवाओं को दिलाई नशामुक्ति की शपथ

Fri, 02 Oct 2026 06:11 PM IST
Alka Tyagi अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

नमो क्रिकेट लीग में देश के विभिन्न हिस्सों से 30 से अधिक टीमों ने हिस्सा लिया। खिलाड़ियों से संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने उनकी खेल प्रतिभा और उत्साह की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
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सीएम धामी ने खेला क्रिकेट - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को पंचकूला स्थित ताऊ देवीलाल क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित ‘नमो क्रिकेट लीग’ में प्रतिभाग कर युवा खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों के साथ क्रिकेट भी खेला। मुख्यमंत्री को अपने बीच खेलता देख खिलाड़ियों और खेलप्रेमियों में खासा उत्साह देखने को मिला।

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नमो क्रिकेट लीग में देश के विभिन्न हिस्सों से 30 से अधिक टीमों ने हिस्सा लिया। खिलाड़ियों से संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने उनकी खेल प्रतिभा और उत्साह की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

‘क्रिकेट को हां, नशे को ना’ का दिलाया संकल्प
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों और युवाओं को नशे के खिलाफ शपथ दिलाई। उन्होंने युवाओं से नशे से पूरी तरह दूर रहने और अपने साथियों व आसपास के अन्य युवाओं को भी नशे से बचाने के लिए जागरूक करने का आह्वान किया।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘क्रिकेट को हां और नशे को ना’ केवल एक नारा नहीं, बल्कि युवाओं को स्वस्थ, सकारात्मक और अनुशासित जीवन की ओर ले जाने का संकल्प है। उन्होंने कहा कि यदि जीवन में कोई लत लगानी ही है तो खेल और फिटनेस की लगाएं तथा यदि कोई जुनून पालना है तो अपने सपनों और लक्ष्यों को हासिल करने का जुनून पालें। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा नशे में नहीं, बल्कि खेल, रचनात्मकता और राष्ट्र निर्माण में लगनी चाहिए।

खेल से अनुशासन और नेतृत्व की भावना होती है विकसित
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि इनके माध्यम से युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व, धैर्य और टीम भावना भी विकसित होती है। खेल के मैदान में खिलाड़ी जीत से विनम्रता और हार से सीख लेकर आगे बढ़ना सीखता है। उन्होंने कहा कि खेल हमें सिखाता है कि किसी भी लक्ष्य को हासिल करने के लिए टीम भावना, निरंतर प्रयास, अनुशासन और पूरे समर्पण के साथ आगे बढ़ना जरूरी है।

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खेलों को मिला नया मंच
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों को नई पहचान और सम्मान मिला है। ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया’ जैसे अभियानों ने युवाओं को खेलों तथा स्वस्थ जीवनशैली से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज गांवों और छोटे शहरों से निकलने वाली खेल प्रतिभाएं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि हरियाणा की धरती खेल प्रतिभाओं के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है। यहां के खिलाड़ियों ने ओलंपिक, पैरालंपिक, एशियन गेम्स और राष्ट्रमंडल खेलों सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर देश का गौरव बढ़ाया है। खिलाड़ियों की सफलता के पीछे वर्षों का परिश्रम, अनुशासन, संघर्ष और लक्ष्य के प्रति समर्पण होता है।

‘खेलोगे-कूदोगे तो बनोगे लाजवाब’
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय समाज में यह धारणा थी कि ‘पढ़ोगे-लिखोगे तो बनोगे नवाब, खेलोगे-कूदोगे तो होगे खराब’, लेकिन अब सोच में बड़ा बदलाव आया है। खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर और मंच मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज यह कहा जा सकता है कि ‘खेलोगे-कूदोगे तो बनोगे लाजवाब।’

मुख्यमंत्री ने युवाओं से नशे से दूर रहने का आह्वान करते हुए कहा कि नशा व्यक्ति के साथ-साथ उसके परिवार और समाज को भी प्रभावित करता है, जबकि खेल जीवन को सकारात्मक दिशा, अनुशासन और नई पहचान देता है। उन्होंने कहा कि एक युवा नशे से बचेगा तो एक परिवार बचेगा, एक परिवार बचेगा तो समाज मजबूत होगा और मजबूत समाज से ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण होगा। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री के साथ उपस्थित खिलाड़ियों और युवाओं ने ‘नशे को ना, खेल को हां’ का सामूहिक संकल्प लिया।
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