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Uttarakhand: प्रदेश की एकल महिलाएं स्वरोजगार कर बनेंगी आत्मनिर्भर, सीएम धामी ने किया योजना का शुभारंभ

Tue, 10 Feb 2026 10:30 PM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

सीएम ने मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना का शुभारंभ किया। 484 लाभार्थियों को डीबीटी के माध्यम से तीन करोड़ से अधिक की धनराशि भेजी गई। 

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सीएम पुष्कर सिंह धामी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश की एकल महिलाएं स्वरोजगार कर आत्मनिर्भर बनेंगी। यह बात सीएम ने मुख्य सेवक सदन में महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग की ओर से संचालित मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना का शुभारंभ करते हुए कही। योजना के तहत मुख्यमंत्री ने 484 लाभार्थियों को डीबीटी के माध्यम से तीन करोड़ से ज्यादा की धनराशि भेजी।

मुख्यमंत्री ने कहा, योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगी और उन्हें सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता प्रदान करेगी। इससे राज्य की लाखों महिलाओं के संघर्ष, साहस और आत्मविश्वास को नई दिशा मिलेगी। योजना के तहत कुल 484 लाभार्थियों को पहली किश्त के रूप में तीन करोड़ 45 लाख 34,500 की धनराशि दी गई है। अन्य सात जिलों की 540 महिलाओं को भी लगभग चार करोड़ रुपये महीने के अंत तक डीबीटी के माध्यम से भेजे जाएंगे। इस योजना में विधवा, परित्यक्ता, तलाकशुदा या किसी भी कारण से अकेले जीवन यापन कर रही महिलाओं के साथ ही एसिड अटैक, आपराधिक घटना की पीड़िता, ट्रांसजेंडर्स को भी शामिल किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा, सरकार मातृशक्ति के कल्याण के लिए समर्पित होकर काम कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्यमिता, नौकरियों में प्रदेश की महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है। राज्य में लगभग पांच लाख महिलाएं 70 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूह बनाकर अपना व्यवसाय कर रही हैं। सात हजार से अधिक ग्राम्य संगठन और 500 से अधिक क्लस्टर संगठनों के माध्यम से राज्य की महिलाएं सामूहिक नेतृत्व की एक अद्वितीय मिसाल पेश कर रही हैं।

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महिलाओं को वास्तविक अवसरों की जरूरत : आर्या

महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा, आज महिलाओं को सिर्फ दिखावटी सम्मान नहीं, बल्कि वास्तविक अवसरों की जरूरत है। उन्हें सहारा नहीं सशक्तीकरण, उपकार नहीं आत्मविश्वास, और सीमाओं में कैद जीवन नहीं बल्कि तरक्की की ऊंची उड़ान भरने के लिए खुला आसमान चाहिए। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को केवल सहायता देना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। कार्यक्रम में विभागीय सचिव चंद्रेश कुमार, निदेशक बंसीलाल राणा, उपनिदेशक विक्रम सिंह, आरती बलोदी, नीतू फुलेरा, मोहित चौधरी आदि मौजूद रहे।

योजना पर मिलेगी 75 प्रतिशत सब्सिड़ी

सचिव चंद्रेश यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना एक सशक्त महिला उद्यमी योजना है। योजना के तहत अधिकतम दो लाख तक की परियोजना के लिए 75 प्रतिशत सब्सिड़ी दी जाएगी। जबकि महिला का अंशदान 25 प्रतिशत होगा। पहले चरण में बागेश्वर जिले की 42, देहरादून की 191, नैनीताल-75, पौड़ी-66, टिहरी -23 एवं ऊधम सिंह नगर की 87 पात्र महिलाओं के खातों में धनराशि भेजी गई।

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भावुक हुईं कई महिलाएं

योजना के तहत जिन महिलाओं को धनराशि दी गई है उन सभी का जीवन संघर्षमय रहा है। धनराशि वितरण से पहले कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने जब उन महिलाओं से अपने अनुभव बताने को कहा तो कई महिलाएं भावुक हो गईं। उनका कहना था कि अपना रोजगार करने के बाद समाज में सम्मान के साथ अपने पैरों पर खड़ी हो सकेंगी।

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