आरोप है कि एक मई से 26 जून 2025 के बीच खाते में करीब 12.14 करोड़ रुपये जमा किए गए और लगभग 12.12 करोड़ रुपये की निकासी कर ली गई, जबकि इस अवधि में उन्होंने किसी भी प्रकार का कोई लेनदेन नहीं किया था। आरोप है कि इस दौरान खाते से जुड़ा मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी भी बदल दी गई, जिससे उन्हें किसी भी लेनदेन की जानकारी नहीं मिल सकी।
संदेह जताया कि शाखा प्रबंधक और संबंधित कर्मचारी ने मिलीभगत से ये लेनदेन हुआ। आरोप है कि 20 अगस्त को दोबारा बैंक शाखा पहुंचे तो कर्मचारियों ने उनके साथ अभद्रता की और शिकायत करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी। कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह राणा ने बताया कि इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। जांच की जा रही है।