उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गोरखा समाज के सर्वांगीण विकास के साथ उसकी भाषा, कला और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में हल्द्वानी स्थित उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में नेपाली भाषा के अध्ययन के लिए डिप्लोमा और प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। वहीं, नेपाली भाषा और साहित्य को संस्थागत प्रोत्साहन देने के लिए नेपाली अकादमी को उत्तराखंड भाषा संस्थान के दायरे में लाने की पहल की गई है।
मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तीकरण को सरकार की प्रमुख प्राथमिकता बताते हुए कहा कि महिलाओं की उन्नति से ही परिवार और समाज की वास्तविक प्रगति संभव है। इसी उद्देश्य से सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था लागू की गई है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड स्वतंत्र भारत में समान नागरिक संहिता लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना है। यह महिलाओं को समान अधिकार और न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए लखपति दीदी अभियान प्रभावी ढंग से संचालित किया जा रहा है। प्रदेश की तीन लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। ये महिलाएं अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ राज्य की अर्थव्यवस्था में भी योगदान दे रही हैं।