यदि मौसम ने साथ दिया, तो तीन-चार दिन में केदारनाथ मंदिर का सफाई कार्य निपटा दिया जाएगा।
इसके बाद मंदिर का शुद्धिकरण और सकलीकरण के पश्चात पूजा-अर्चना पुन: शुरू कराने का निर्णय लिया जाएगा। धाम में बिजली-पानी आपूर्ति सुचारु करने की कार्रवाई की जाएगी। सोमवार को धाम पहुंचे मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने भी सभामंडप से मलबा हटाया।
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मौजूदा समय में केदारनाथ में श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के 26 कर्मी और मजदूर कार्य कर रहे हैं। सोमवार को 15 मजदूर और मंदिर समिति के कर्मी चॉपर से केदारनाथ भेजे गए। समिति के कर्मी और मजदूर मंदिर के समीप स्थित एक धर्मशाला में रह रहे हैं। पाइप लाइन टूटने के कारण धाम में पेयजल की समस्या है।
धुलाई बाकी रह गई
केदारनाथ से गुप्तकाशी लौटे मंदिर समिति के अपर सहायक अभियंता विपिन तिवारी ने बताया कि गर्भ गृह की सफाई कर दी गई है। धुलाई बाकी रह गई है। मंगलवार को रबर का पाइप भेजा जाएगा, जिसको पानी के स्रोत से जोड़कर गर्भगृह की धुलाई कराई जाएगी।
सभामंडप में लगभग चार फीट रेत और मलबा है। इसको साफ करने में तीन-चार दिन लग जाएंगे। मंदिर के दोनों दरवाजे टूट गए हैं। दरवाजे की मरम्मत के लिए मिस्त्री भेजा गया है। वहीं, विद्युत आपूर्ति बहाल करने के लिए उरेडा के जेई और लाइनमैन को भी भेजा गया है। इधर, एसपी बरिंदर जीत सिंह ने मंदिर समिति के अध्यक्ष गणेश गोदियाल से मंदिर के निकट हेलीपैड बनवाने का अनुरोध किया।
बाबा केदार किए दर्शन
मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा और पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, उमा भारती ने अलग-अलग समय में केदारनाथ पहुंचकर सावन के पहले सोमवार को बाबा केदार के दर्शन किए।
केदारनाथ में बनेगा मृतकों की स्मृति में स्मारक
मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने जलप्रलय में मरे लोगों की याद में केदारनाथ धाम में स्मारक बनाने की घोषणा की। सीएम मुख्य सचिव सुभाष कुमार के साथ धाम में साफ-सफाई कर रहे कर्मियों, मजदूरों का मनोबल बढ़ाने के साथ ही मौजूदा स्थिति का जायजा लेने पहुंचे।
सोमवार को सीएम ने श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष गणेश गोदियाल, जिलाधिकारी दिलीप जावलकर, एसपी बरिंदर जीत सिंह और मंदिर समिति के सीईओ बीडी सिंह के साथ केदारनाथ मंदिर परिसर, घोड़ा पड़ाव, भैरवनाथ मंदिर और देवदर्शनी का निरीक्षण किया।
वैज्ञानिक पहलुओं को ध्यान में रखा जाएगा
सीएम ने कहा कि धाम में अब जो भी कार्य होगा, वह वैज्ञानिक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा। मंदिर की गरिमा बरकरार रहे, इसलिए मंदिर के आसपास सुंदरीकरण कराया जाएगा। श्रद्धालुओं की उम्मीदों को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मंदिर स्थल से दूर स्थान चयनित कर आपदा में मारे गए लोगों की स्मृति में स्मारक बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मौसम साथ देता है, तो शीघ्र साफ-सफाई पूरी करा कर पूजा-पाठ शुरू कराने के प्रयास किए जाएंगे।
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