Cloudburst in narayanbagar
इस दौरान बाजार में तीन से अधिक वाहन मलबे में दब गए। जबकि दो जगह सड़क बंद रही। इस दौरान कई बारातों के वाहन फंसे रहे। शाम साढ़े छह बजव्े बारिश कुछ थमी तो लागों ने बेलचों के तसहारे कुछ मलबा हटाया ऊर बारात के वाहन पास किए।
इस दौरान दो घंटे तक अफरा तफरी का माहौल रहा। बता दें कि नारायणबगड़ में वर्ष 2013 की आपदा में भी भरी नुकसान हुआ। इस दौरान यहां पुराना बाजार बाढ़ में बह गया था। जिससे यहां लोग अब भी डरे सहमे हैं। बुधवार को एक बार फिर यहां लोग डर गए। इधर नारायणबगड़ के नायब तहसीलदार बीएस भंडारी ने बताया कि तेज बारिश और बादल फटने की सूचना है। लेकिन जनहानि नहीं है। राहत और बचाव कार्य के लिए टीमें भेजी जा रही है।
नदारद रहा आईआरएस सिस्टम
आपदा के दौरान त्वरित राहत और बचाव कार्य के लिए आईआरएस (इंसीडेंट रिस्पांस सिस्टम) जिले में कार्यरत है। जिसके तहत अधिकारियों को कई बार के प्रशिक्षण भी दिए जा चुके हैं। और मॉक ड्रिल के अभ्यास भी हो चुके हैं। सिस्टम के तहत आपदा की सूचना मिलने पर सभी अधिकारियों को जल्द से जल्द घटनास्थल पर राहत के लिए पहुंचना है।
लेकिन बुधवार शाम दो घंटे तक नारायणबगड़ में बादल फटने से अफरा तफरी का माहौल रहा। पर इस दौरान यहां आईआरएस सिस्टम के तहत एक भी अधिकारी और कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा।
कर्णप्रयाग में गरज के साथ तेज बारिश
बुधवार शाम कर्णप्रयाग सहित आस पास के इलाकों में गरज के साथ तेज बारिश हुई। शाम पाकंच बजे शुरू हुई बारिश के चलते बिजली गुल हो गई। तेज बारिश से नगर में नाले उफान पर रहे।