ग्लोबल वार्मिंग से जलवायु परिवर्तन के कारण उत्तराखंड के मध्य हिमालयी क्षेत्र की पारिस्थितिकी तेजी से बदली है। ऊपर बादल फटने का खतरा बढ़ रहा है और जमीन के नीचे भूकंप का।
ऐसे में रिहाइशी इलाके बदलने की स्थिति पैदा हो गई है। वाडिया हिमालय भू विज्ञान संस्थान ने इस स्थिति का अध्ययन हाल में ही पूरा किया है। उत्तराखंड क्लाइमेट चेंज सेंटर ने भी हाउसिंग सेक्टर के सबसे अधिक प्रभावित होने की बात कही है।
उत्तराखंड की घाटियों वाले इलाके जहां सबसे अधिक आबादी बसी है, वहां नमी बढ़ रही है। इस नमी से इन क्षेत्रों में बादल घटने की घटनाएं बढ़ी हैं। बादल फटने से यहां भूस्खलन का खतरा बढ़ रहा है।
वाडिया हिमालय भू विज्ञान संस्थान के विज्ञानियों ने ऐसे इलाकों का बारीकी से अध्ययन करने के बाद अपनी रिपोर्ट तैयार की है। इस बदलाव के मद्देनजर यह सलाह दी गई है कि आबादी वाले इलाकों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया जाए।