गंगा और यमुना को प्रदूषित करने वालों पर नकेल कसने वाले नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की नजरें इन नदियों के उद्गम स्थल तक नहीं पहुंच सकी हैं।
उत्तराखंड में इनके उद्गम में धड़ल्ले से कचरा और मलबा ही नहीं वरन सीवर की गंदगी भी इन नदियों में उडे़ली जा रही है। बीते दिनों भी जिला मुख्यालय के पास बूचड़खाने की गंदगी सीधे गंगा में उड़ेले जाने का मामला प्रकाश में आया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
गंगा एवं यमुना के उद्गम जिले उत्तरकाशी में इन नदियों के किनारे बसी बस्तियों में अभी तक सीवर ट्रीटमेंट के इंतजाम नहीं हो पाए हैं।
उत्तरकाशी जिला मुख्यालय के लिए बनी सीवर ट्रीटमेंट योजना अगस्त 2012 की बाढ़ से क्षतिग्रस्त पड़ी है और अधिकांश सीवर की गंदगी सीधे गंगा भागीरथी में उड़ेली जा रही है। अन्य स्थानों पर भी सीवर की गंदगी प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से इन नदियों में बहाई जा रही है।