जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए पुलिस ने नगर पालिका की टीम के साथ मेन बाजार में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। इस दौरान पुलिस अधिनियम व एमवी एक्ट के तहत तीस चालान किए गए। पुलिस की व्यापारियों से नोकझोंक भी हुई। बाद में अभियान रेहड़ा-ठेला वालों पर केंद्रित हो गया। पुलिस अधिकारियों ने चेतावनी दी कि अतिक्रमण करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नगर के मेन बाजार से होकर गुजरने वाले दिल्ली-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर दिन प्रतिदिन बेकाबू होती जा रही यातायात व्यवस्था को ठीक करने के लिए पुलिस ने नगर पालिका प्रशासन की मदद से अतिक्रमण अभियान चलाया। इस दौरान फुटपाथ से अतिक्रमण को हटवाया गया। इसके साथ ही दुकानों के सामने सड़क पर पार्क किए गए वाहनों व रेहड़ा-ठेलियों को भी टीम ने हटाना शुरू कर दिया। दुकानों के सामने खड़े किए गए लोडर वाहनों व फुटपाथ पर रखे गए सामान को हटाने के लिए कई स्थानों पर व्यापारियों व पुलिस के बीच नोक-झोंक भी हुई। हालांकि कुछ देर तक सही दिशा में चलने के बाद अभियान रेहड़ा-ठेलियों पर केंद्रित हो गया।
पुलिस व पालिका टीम के इस रवैये पर ह्यूमन राइट एंड आरटीआई एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंद शर्मा ने नाराजगी जताई। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि अतिक्रमण के मामले में किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस व नगर पालिका प्रशासन की टीम बड़े व्यापारियों को छोड़कर छोटे व्यापारियों पर कार्रवाई कर रही है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक बाजार में दिनभर मौजूद रहने वाले लोडर वाहन नहीं हटाए जाएंगे तब तक रेहड़ा-ठेली व फड़ आदि भी नहीं हटाए जाएंगे। कोतवाली प्रभारी शंकर सिंह बिष्ट ने बताया कि अतिक्रमण पर कार्रवाई के दौरान पुलिस अधिनियम व एमवी एक्ट के तहत तीस चालान किए गए हैं।