स्वास्थ्य विभाग 500 से अधिक आशा कार्यकर्ता और वाॅलंटियर्स के माध्यम से रोज हजारों घरों में लार्वा नष्ट करने का दावा कर रहा है। नगर निगम हर वार्ड, मोहल्ले में फॉगिंग और दवा छिड़काव का दावा कर रहा है। लेकिन हकीकत में लोगों को न तो आशा कार्यकर्ता दिख रहे हैं, न ही वाॅलंटियर्स। यहां तक कि दून में डेंगू के जो हॉट स्पाट बने हुए हैं, वहां भी नियमित रूप से फॉगिंग और जांच नहीं हो रही है।
स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम के दावों की हकीकत जानने के लिए जब विभिन्न इलाकों में लोगों से बातचीत की गई तो उनका कहना था कि दोनों के दावे हकीकत से परे है। न तो उनके इलाकों में फॉगिंग हो रहा है, न ही स्वास्थ्य विभाग का कोई कर्मचारी इलाकों में आ रहे हैं। कुछ जगहों पर कभी-कभी मोटरसाइकिल पर फॉगिंग करते नजर आते हैं, लेकिन वह भी कुछ देर बाद आधे-अधूरे क्षेत्र में धुंआ उड़ाकर चले जाते हैं।
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आज तक मेरे घर और आसपास के इलाकों में न तो कोई स्वास्थ्य विभाग का कर्मचारी आया, न ही आशा कार्यकर्ता आए। क्षेत्र में काफी गंदगी है। कभी-कभी फॉगिंग होती है, लेकिन वह भी कुछ जगह पर। पूरे इलाके में आज तक कोई फॉगिंग नहीं हुई।
-सुरेंद्र, दीपनगर
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डेंगू लगातार बढ़ रहा है, लेकिन सरकार कुछ नहीं कर रही है। सरकार रोज फॉगिंग करने की बात कह रही है, लेकिन उनके क्षेत्र में अभी तक एक ही बार फॉगिंग हुई है। स्वास्थ्य विभाग के लोग तो उन्होंने देखा तक नहीं।
-रविंद्र डबराल,
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नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग के दावे बिल्कुल गलत हैं। न तो कोई लार्वा नष्ट किया जा रहा है, और न ही पर्याप्त फॉगिंग हो रही है। केवल कागजों में सबकुछ चल रह है।
-विनोद बिष्ट, बंजारावाला,
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वार्ड में तो अभी तक न फॉगिंग शुरू हुई और न कोई सर्वे। कई लोग डेंगू से पीड़ित हो चुके हैं। कई बार पार्षद के साथ ही नगर निगम में शिकायत कर चुके हैं, लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ। -चंद्रमोहन काला, मोहनपुर