मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तर भारत के नागरिक उड्डयन मंत्रियों के सम्मेलन में पर्वतीय राज्यों की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए हवाई सेवा संचालन के लिए अलग विमानन नीति बनाने की मांग उठाई है। कहा, इस नीति में वित्तीय सहायता, हेली सेवा संचालन में सब्सिडी, एटीसी नेटवर्क व मौसम पूर्वानुमान प्रणाली को शामिल किया जाए।
मसूरी रोड स्थित एक होटल में शुक्रवार को सम्मेलन के उद्घाटन पर मुख्यमंत्री ने कहा, राज्य में चुनौतीपूर्ण क्षेत्र को हवाई सेवा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने केंद्रीय नागर विमानन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू से पर्वतीय राज्यों के लिए अलग विमानन नीति बनाने का अनुरोध किया। इससे पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम खराब होने की पूर्व सूचना व एटीएस प्रणाली मजबूत होगी। सीएम ने चारधाम यात्रा के दौरान हेलिकॉप्टर दुर्घटनाओं पर चिंता जताते हुए कहा, यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने हेली ऑपरेटरों से आग्रह किया कि पर्वतीय क्षेत्रों में उड़ान भरने से पहले पायलटों को विशेष ट्रेनिंग दी जाए।
सीएम धामी ने कहा, उड़ान योजना के माध्यम से छोटे शहरों और दुर्गम क्षेत्रों को हवाई संपर्क से जोड़कर न केवल आम नागरिकों के लिए हवाई यात्रा सुलभ हुई है। पहले हवाई यात्रा आर्थिक रूप से संपन्न वर्ग तक सीमित थी, अब ऐसा नहीं है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था के साथ पर्यटन व रोजगार को भी मजबूती मिली है। प्रदेश में 18 हेलीपोर्ट्स का विकास किया जा रहा है। इनमें से 12 पर सेवाएं प्रारंभ हो चुकी हैं।