राजधानी की सड़कों पर दौड़ रही सिटी बसों में अब वरिष्ठ नागरिक (सीनियर सिटीजन) और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सस्ता सफर कर सकेंगे। संभागीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) ने इन लोगों के लिए किराये में 50 प्रतिशत छूट का प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इसे जल्द ही शासन को भेजा जाएगा।
राज्य आंदोलनकारी, मान्यता प्राप्त पत्रकार और विकलांग भी छूट के दायरे में आएंगे। संभागीय परिवहन अधिकारी दिनेश चंद्र पठोई ने बताया कि 50 प्रतिशत छूट का प्रस्ताव भेजा जा रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि बस संचालक इसका विरोध कर सकते हैं। लेकिन कहा कि विरोध हुआ तो भी तीस फीसदी छूट तो देनी ही होगी। हालांकि, उन्होंने उम्मीद जताई कि जनहित में सिटी बस संचालक इसका विरोध नहीं करेंगे।
छात्रों को मिलेगा मासिक पास
सिटी बसों में अभी सिर्फ क्लेमेंटटाउन-कुठालगेट रूट पर ही स्कूल-कालेजों के छात्रों को मासिक पास जारी किए जाते हैं। लेकिन अब परिवहन विभाग सभी रूटों पर पास व्यवस्था का निर्देश जारी करने वाला है। इस पास पर छात्रों को दस से बीस फीसदी तक छूट दी जा सकती है।
सिटी बस वालों को पड़ा दांव उलटा
सिटी बसों में छूट का यह मसला सिटी बस महासंघ के हाईकोर्ट में जाने के बाद उठा। परिवहन विभाग ने ओवरलोडिंग में बसों के चालान किए थे। इसके विरोध में बस संचालक हाईकोर्ट गए। सिटी बस संचालकों ने कहा कि ‘अर्बन ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट’ के तहत सिटी बस संचालक खड़ी सवारी भी ले जा सकती है।
परिवहन कार्यालय ने कहा कि बस में जितनी सवारियां होती हैं, उसकी 50 प्रतिशत ही खड़ी रखी जा सकती हैं। लेकिन सिटी बसों में 22 सीटें होती हैं, जबकि 50-60 सवारी खड़ी रहती हैं। विभाग ने कोर्ट को बताया कि बस का टैक्स भी केवल 22 सीट का ही काटता है। इसके बाद परिवहन विभाग ने साफ किया कि राज्य परिवहन नियमावली में परिवहन कार्यालय को यह अधिकार है कि वह सिटी बस में कोटा लागू कर सके।