उत्तराखंड में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत और नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट ने राज्य सरकार को हर मोर्चे पर विफल बताया। दोनों नेताओं ने संयुक्त प्रेस वार्ता में सरकार को जंतर-मंतर पर नौटंकी करने से भी बाज आने को कहा। आरोप लगाया कि राज्य सरकार बगैर काम किए ही केंद्र से पैसा लेना चाहती है।
बहुगुणा सरकार बेहतर थी
नेता प्रतिपक्ष भट्ट ने कहा जब केंद्र में यूपीए सरकार थी तो केंद्रीय मंत्री होते हुए भी हरीश भजन कीर्तन की अनुमति मांगते रहते थे। हरीश से प्रदेश को बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन इनसे तो बहुगुणा सरकार बेहतर थी। हरीश सरकार विकास, आपदा प्रबंधन और कानून व्यवस्था जैसे सभी मोर्चों पर फेल हुई। भट्ट ने भूरा की फरारी समेत कई अनसुलझी संगीन वारदातों की फेहरिस्त भी जारी की। कहा, पुलिस ही नहीं रावत सरकार भी लालीपॉप है।
अब तक कुछ नहीं हुआ
एक विधायक का स्टिंग आपरेशन हुआ, जांच होनी थी लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। बताया कि मैंने एक पत्र विधानसभा अध्यक्ष को भी लिखा है। भट्ट ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री को पत्र लिखकर उत्तरकाशी के ईको सेंसिटिव जोन पर पुनर्विचार करने की मांग की है। उन्होंने सचिवालय में चतुर्थ तल पर कुछ लोगों के अवैध रूप से बैठने और अफसरों की बैठक लेने का आरोप भी मढ़ा। इस अवसर पर पूर्व विधायक मुन्ना सिंह चौहान भी मौजूद रहे।
कमेटी गठित : पूर्व केंद्रीय मंत्री बची सिंह रावत की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की गई है। इसमें मदन कौशिक, खजानदास, सुशीला बलूनी, मंजू तिवारी, सौरभ थपलियाल सदस्य हैं। कमेटी राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलनों की रूपरेखा तैयार करेगी।