कैलाश ने बताया कि पाकिस्तानी सरकार और स्थानीय लोग अल्पसंख्यकों को उनकी संपत्तियां नहीं बेचने दे रहे हैं। सरकार के साथ ही वहां के बहुसंख्यकों को उम्मीद है कि अल्पसंख्यक एक न एक दिन सारी संपत्तियां यूं ही छोड़कर कहीं चले जाएंगे और वे उन पर उनका कब्जा होगा। कैलाश ने बताया कि संपत्तियां बेचने के फेर में उनके पिता हरीचंद समेत परिवार के सात सदस्य वहीं रह गए। जिनकी उन्हें हमेशा चिंता रहती है।
दून निवासी युवती से की शादी, दो बच्चे के हैं पिता
कैलाश ने भारतीय नागरिकता मिलने के साथ ही दून निवासी युवती से शादी कर ली। उनके दो बेटे हैं। ऐसे में भरे पूरे परिवार के साथ ही यहां अच्छे से जिंदगी गुजार रहे हैं। परिवार चलाने के लिए टीचिंग के साथ ही प्रापर्टी का काम करते हैं।
दून में 57 परिवारों को भारतीय नागरिकता का इंतजार
जिला प्रशासन के आंकड़ाें के अनुसार पाकिस्तान के विभिन्न इलाकों से आए 57 परिवारों को भारतीय नागरिकता का इंतजार है। इन परिवारों ने जिला प्रशासन को आवेदन पत्र देकर नागरिकता दिए जाने का अनुरोध किया है। अपर जिलाधिकारी प्रशासन रामजी शरण शर्मा ने बताया कि फिलहाल 33 पाकिस्तानी परिवारों को भारतीय नागरिकता दी जा चुकी है। जबकि बाकी के आवेदन पत्रोें पर विचार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने नागरिकता संशोधन बिल (सीएबी) को देश के लिए अतिमहत्वपूर्ण बताया है। उन्होंने बिल के लोकसभा के बाद बुधवार को राज्यसभा से भी पारित होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं गृह मंत्री अमित शाह को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जिस तरह के सुधारात्मक कदम अपने इस कार्यकाल में उठाए गये हैं वे बहुत ही ऐतिहासिक हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने इस कार्यकाल में कई सुधारात्मक कदम उठाए हैं।
देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए केंद्र के लिए जा रहे निर्णयों को विरोध अनुचित है। पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिंदुओं को इस कदर प्रताड़ित किया गया कि उनकी आबादी आजादी के बाद 10 प्रतिशत से घटकर अब 2 प्रतिशत रह गई है। अल्पसंख्यक हिंदु अगर अपनी प्रताड़ना से तंग आकर भारत में आना चाहते हैं तो उनको नागरिकता देना जरूरी है। कांग्रेस का इसको लेकर विरोध अनुचित है। केवल राजनीति के लिए राष्ट्रहित की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।