नैनीताल हाईकोर्ट ने भूमि के सर्किल रेटों में वृद्धि के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार को जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
मामले की अगली सुनवाई के लिए 18 दिसंबर की तिथि नियत की गई है। एक्टिंग चीफ जस्टिस वीके बिष्ट एवं न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की संयुक्त खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
असंवैधानिक है सर्किट रेटों में पांच गुना वृद्धि
रुड़की निवासी राव मुनफैत अली खान ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि राज्य सरकार की ओर से बिना मूल्यांकन के सर्किट रेटों में पांच गुना वृद्धि कर दी गई है, जो कि असंवैधानिक है।
याचिकाकर्ता का यह भी कहना था कि सर्किट रेटों के मूल्यांकन के लिए सूची वार्षिक रूप से तैयार करने का कार्य कलक्टर का होता है।
लेकिन सचिव वित्त विभाग की ओर से 30 अक्तूबर 2014 को जारी किए गए दिशा निर्देशों पर सभी जिलाधिकारियों द्वारा बिना जांच के 12 घंटे के भीतर एक नवंबर 2014 को सर्किल रेट सूची जारी कर दी गई।
याचिकाकर्ता का कहना था कि इसमें भूतल और अन्य तलों की दर भी एक समान रखी गई है, जो कि नियम के विरुद्ध है। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सरकार को जवाब दाखिल करने के निर्देश देते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए 18 दिसंबर की तिथि नियत की।