क्रिसमस का त्योहार भले ही ईसाई धर्म की पहचान हो, लेकिन दून में कई हिंदू परिवार भी यह पर्व धूमधाम से मनाते हैं। क्रिसमस के लिए ये लोग भी खरीदारी में जुटे हैं।
शिमला बाईपास निवासी अंजलि सिंह अपने चार वर्षीय बेटे श्रेयांश के साथ सोमवार को क्रिसमस की खरीदारी के लिए पलटन बाजार आई थी। उन्होंने बताया कि वह बचपन से क्रिसमस मना रही हैं।
अंजलि शादी से पहले मायके में, शादी के बाद पति और अब बेटे के साथ यह त्योहार मनाती हैं। क्रिसमस पर घर में केक काटने के बाद उनका पूरा परिवार होटल में डिनर के लिए जाता है।
एनसीआर रेजीडेंसी निवासी मीतू कुकरेजा भी खरीदारी के लिए आई थीं। उन्होंने बताया कि वह अपने बच्चों हर्षिता और सक्षम की पसंद का केक लाती हैं।
क्रिसमस पर पति के साथ घर की सजावट करती हैं। बच्चों को गिफ्ट देती हैं, तो वे बेहद खुश होते हैं। त्योहार के दिन रिश्तेदार भी उनके घर आते हैं।
अधिकतर हिंदू ही करते हैं खरीदारी
पलटन बाजार में क्रिसमस सजावटी सामग्री के विक्रेता राज कुमार गर्ग ने बताया कि अधिकतर हिंदू परिवार के लोग ही क्रिसमस सामग्री ले जाते हैं।
वह बताते हैं कि वर्षों से त्योहार मना रहे ईसाई परिवारों में तो सजावटी सामग्री पहले से रहती है, लेकिन अब हिंदुओं में यह पर्व मनाने का क्रेज बढ़ रहा है। ऐसे में वे ही खरीदारी करने आते हैं। उन्होंने बताया कि उनका बेटा और पोते भी यह पर्व मनाते हैं।