राजधानी में हुए गैस कांड में घायलों को भर्ती न किए जाने पर अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा.केके टम्टा ने आकस्मिक चिकित्साधिकारी डा.एचएस भाटिया सहित दून अस्पताल स्टाफ के चार लोगों का जवाब तलब किया है। उन्होंने कहा कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर क्यों न आपके खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
दून अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डा.केके टम्टा ने आकस्मिक चिकित्साधिकारी डा.एचएस भाटिया, फार्मासिस्ट विनोद सिंह नेगी, उपचारिका सुनीता एवं मीनाक्षी का जवाब तलब किया है। अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक ने कहा कि 17 अगस्त की रात दून अस्पताल के आकस्मिक कक्ष में क्लोरीन गैस से पीड़ित व्यक्तियों को यह कहकर वापस भेज दिया गया कि आकस्मिक कक्ष में आक्सीजन गैस उपलब्ध नहीं है और न ही वार्डों में बेड उपलब्ध हैं।
प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक ने कहा कि आज ही अपना स्पष्टीकरण कार्यालय में उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जब आकस्मिक कक्ष में आक्सीजन और वार्डों में बेड उपलब्ध हैं तो किन परिस्थितियों में आपके द्वारा मरीजों का इलाज नहीं किया गया व उन्हें वापस भेज दिया गया।