इस बार कोरोना के कारण कैलाश यात्रा शुरू नहीं हो पाई। लेकिन चीन के सैनिकों ने इस बार सीमा पर उकसाने वाली हरकतें शुरू कर दी हैं। सूत्रों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से चीनी सैनिक भारत की ओर झंडे लहरा रहे हैं।
झंडों पर चीनी भाषा में भारतीय सीमा पर लगभग 200 मीटर भीतर सैनिकों और यात्रियों के विश्राम के लिए बनाए गए हट्स को हटाने की चेतावनी लिखी गई है। चीनी सैनिकों के हाथों में जो बैनर है, उनमें इस स्थान को विवादित बताया गया है। सूत्रों के अनुसार चीनी सैनिक ऐसा लगभग तीन बार कर चुके हैं। बताया जा रहा है कि सीमा पर गश्त बढ़ा दी है और जवानों को कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारत और चीन की सेनाओं में जारी तनातनी के बीच सुरक्षा एजेंसियों ने इस इलाके में चीनी सैनिकों की हरकतों की विस्तृत रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपी है। इसमें इस बात का भी जिक्र है कि कैसे इतनी बड़ी तादाद में चीनी सैनिक लद्दाख पहुंचे और वहां निर्माण हुआ।
सरकार को यह रिपोर्ट भारत और चीन के बीच छह जून को प्रस्तावित लेफ्टिनेंट जनरल रैंक के अफसरों की बातचीत से ठीक पहले सौंपी गई है। इसमेें बताया गया है कि चीन किस तेजी से पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में सैन्य बुनियादी ढांचा खड़ा कर रहा है।
इसमें दौलत बेग ओल्डी, पैंगोंग झील में चीनी सेना की हरकतों और बड़ी तैनाती के बारे में भी जानकारी दी गई है। गौरतलब है कि पांच मई को एलएसी पर दोनों देशों के सैनिकों में हिंसक भिड़ंत के बाद चीन ने अपने सैनिकों की संख्या 5,000 तक बढ़ा दी है। चीन सेना की तैनाती बढ़ने के बाद भारत ने भी अपने सैनिकों की संख्या उसके बराबर बढ़ा दी है।