रक्षाबंधन के पावन पर्व की धूम हरिद्वार में दिखाई दे रही है। बाजार में रंग बिरंगे धागों वाली देश में ही बनी राखियों की भारी डिमांड है तो चाइनीज राखियां भी सजी दिख रही है लेकिन मीडिया में हो रहे प्रचार के कारण इस बार चाइनीज राखियों के खिलाफ भी माहौल बनता दिख रहा है। महिलांए और युवतियां बच्चों के साथ खरीददारी के लिए बाजार का रुख कर रही हैं। शुक्रवार को भी ज्वालापुर तथा रानीपुर मोड़ के बाजारों में राखी की दुकानों पर भारी भीड़ रही।
रेलवे रोड और कअहरा बाजार में बड़ी संख्या में राखी की दुकानें सजी हैं। बच्चों को टीवी के चर्चित कार्टून कैरेक्टरों डोरीमोन, छोटा भीम, मोटू पतलू और स्पाईडरमैन जैसी राखियां खूब भा रही हैं। महिलाएं भी बच्चों को उनकी पसंद के अनुरूप ही राखियां खरीदवा रही हैं।
रेलवे रोड स्थित कुमार स्टोर्स के मालिक प्रवीण कुमार ने बताया कि इस बार चाइनीज राखियों के खिलाफ लोगों में रोष भी दिखाई दे रहा है। युवतियां सबसे ज्यादा भारतीय धगों की बनी रंगीन डोरानुमा राखियां ज्यादा खरीद रही हैं। कृष्णानगर के दुकानदार राजीव थरेजा ने बताया कि कई युवतियां तो दुकान पर आकर ही चाइनीज राखियों का बहिष्कार करने की बात कर रही है।
कटहरा बाजार के व्यापारी विपिन गुप्ता का कहना है कि बाजारों में भारतीय परम्पराओं की राखियों की विशेष डिमांड है। देवी देवताओं की तस्वीर वाली राखियां भी चलन में है। चंदनवाली राखियों की भी बिक्री रक्षाबंधन पर्व के दौरान होती हैं विपिन गुप्ता ने कहा कि बाजार में अधिकांश भारत में निर्मित राखियों की बिक्री ज्यादा है।