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बाकी छात्रों को अन्य कक्षाओं में पढ़ रहे बच्चों के साथ बैठाया
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I इमलीखेड़ा के राजकीय प्राथमिक विद्यालय के जर्जर भवन में मंगलवार को छत का प्लास्टर गिरने लगा। आनन फानन अधिकारियों के निर्देशानुसार कक्षा एक और दो के छात्रों की छुट्टी कर दी गई। बाकी छात्रों को उन कमरों में बैठाया गया जहां पहले से ही अन्य छात्रों की कक्षाएं चल रहीं थी। कुछ छात्रों को पढ़ाने की व्यवस्था बरामदे में की गई।
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I26 जुलाई को जिला परियोजना अधिकारी को पत्र लिखकर जर्जर भवन में बच्चों की जान को खतरा होने की बात बताई गई थी। यही नहीं 20 मार्च 2025 को विद्यालय प्रबंध समिति की अध्यक्ष संगीता की अध्यक्षता में बैठक भी हुई थी। इसमें प्रधानाध्यापक नीलम आर्या ने बताया था कि विद्यालय का भवन लगभग 40 वर्ष पुराना है और जर्जर हालत में है। बैठक के निर्देश दिए गए कि भवन के ध्वस्तीकरण की अनुमति जिला परियोजना अधिकारी हरिद्वार से ली जाए लेकिन पत्र लिखने के बाद भी अनुमति नहीं मिली। उन्होंने बताया कि हाल ही में पत्र भेजा गया है। अनुमति मिलने पर आगे की कार्रवाई की जा सकेगी।
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I157 छात्र हैं अध्ययनरत, बारिश में टपकती है छत
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I- विद्यालय भवन के दो कमरे बेहद जर्जर हो चुके हैं। बच्चे जान जोखिम में डालकर पढ़ाई कर रहे हैं। छत का प्लास्टर उखड़ रहा और सरिये दिखाई देने लगे हैं। बारिश में छत टपकती है। बारिश के मौसम में कक्षा एक से दो तक के बच्चों की छुट्टी करनी पड़ती है। विद्यालय की चहारदीवारी सालों से नीचे गिरी पड़ी है। नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज सैनी ने भी स्कूल पहुंचकर निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि वह शिक्षा विभाग को कई बार पत्र भेज चुके हैं।I