रेलवे स्टेशन पर खड़ी बीकानेर एक्सप्रेस के महिला कोच से राजस्थान के यात्री परिवार के डेढ़ साल के मासूम का अपरहण कर लिया गया। अपहरण उस वक्त हुआ जब सीट को लेकर महिलाएं आपस में झगड़ रही थीं।
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मासूम की तलाश में हरियाणा, पिरान कलियर, देहरादून में पुलिस टीमों ने डेरा डाला हुआ है। इस घटना से सदमे में आए पीड़ित परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है। घटना शनिवार देर शाम की है।
राजस्थान के गांव जसनेऊ राजलदेसर जिला चुरु निवासी मनोहर सिंह अपने पिता स्वर्गीय रतन सिंह की अस्थियां विसर्जित करने शनिवार को अपने परिवार के साथ यहां पहुंचे थे। उनके साथ बहन सविता पत्नी राम सिंह शेखावत निवासी गांव न्याय थाना लक्ष्मणगढ़ जिला सीकर एवं डेढ़ साल का बेटा योगेंद्र भी था।
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सीट को लेकर झगड़ीं महिलाएं तभी बच्चा हुआ गायब
अपहरण
अस्थियां विसर्जित करने के बाद सभी लोग रेलवे स्टेशन पर लौट आए। शाम करीब पौने सात बजे साप्ताहिक ट्रेन बीकानेर एक्सप्रेस के महिला डिब्बे में मनोहर सिंह ने अपनी पत्नी, दो बच्चों, बहन एवं उसके बेटे को बैठा दिया। फिर वह खाना लेने चला गया।
कुछ मिनटों में वापस लौटने पर देखा कि सीट को लेकर महिलाएं आपस में झगड़ रही थीं। इसी दौरान उसकी बहन सविता ने शोर मचा दिया कि उसका बेटा योगेंद्र गायब है। सूचना मिलने पर एसओ जीआरपी दिनेश कुमार तुरंत दौड़कर पहुंच गए। आनन-फानन में पूरे ट्रेन के डिब्बे खंगाल दिए गए।
आस पास के क्षेत्र एवं प्लेटफार्म पर भी मासूम की खोज हुई, लेकिन मासूम का कुछ अता पता नहीं चल सका। थानाध्यक्ष जीआरपी दिनेश कुमार ने बताया कि मासूम की तलाश में पुलिस टीमों को कई जगह भेजा गया है।
सीसीटीवी कैमरों से नहीं मिला सुराग
सीसीटीवी
- फोटो : Demo pic
यह घटना प्लेटफार्म नंबर तीन की है। हर प्लेटफार्म पर सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं। लेकिन किसी भी सीसीटीवी कैमरे से कोई महत्वपूर्ण सुराग जीआरपी को नहीं मिल पाए। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि, अपहरण के बाद अपहरणकर्ता रेलवे लाइन से होते हुए अधिकारी विश्राम गृह की तरफ गया होगा। अब सीसीटीवी कैमरे से सुराग मिलने की आस खत्म हो गई है। दिन भर एसओ जीआरपी खुद कैमरों को खंगालने में जुटे रहे।
संदिग्ध लिए हिरासत में
मासूम के अपहरण के बाद हरकत में आई जीआरपी ने कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है। कुछ संदिग्धों को जीआरपी ने डिब्बे से ही हिरासत में ले लिया था। फिर चले अभियान में कुछ संदिग्ध उठाए गए। अब सभी से सिलसिलेवार ढंग से पूछताछ चल रही है।
बच्चा चोर गैंग ने एक बार फिर से दस्तक दे दी है। पूर्व में भी बच्चा चोरी की कई घटनाएं हो चुकी हैं। जीआरपी ने कुछ वर्षों पूर्व बच्चा चोर गैंग का खुलासा किया था तब कई मासूम बरामद हुए थे। जिला महिला अस्पताल से भी दो मासूम उठा लिए गए थे।
एक मासूम उसी समय से ही रेलवे स्टेशन से बरामद करते हुए एक बुजुर्ग महिला को दबोचा गया था, लेकिन एक मासूम आज तक बरामद नहीं हो सका है। रोडी बेलवाला मैदान से भी बिहार की महिला हिरणी देवी के मासूम बेटे का अपहरण कर लिया गया था हालांकि लक्सर से मासूम को बरामद करते हुए पुलिस ने दो आरोपी दबोचे थे।
ठीक इसी तरह एक विक्षिप्त महिला के बेटे को भी हरिद्वार कोतवाली पुलिस ने चौबीस घंटे में ही ढूंढ निकाला था और रिश्ते के भाई-बहन को दबोचा था।