राजधानी दून के आईएसबीटी चौक के पास लकड़ी से भरे ट्रक ने मां की आंखों के सामने बेटी की जान ले ली। हादसे में स्कूटी सवार मां बाल-बाल बच गई। ट्रक का पीछा कर आरोपी चालक को लोगों ने पकड़ लिया और उसे पुलिस को सौंप दिया।
मृतका हिल्टन स्कूल में कक्षा छह की छात्रा थी, जबकि मां उसी स्कूल में टीचर हैं। हादसे से गुस्साए लोगों ने सड़क पर जाम लगा दिया। एसपी ने सुबह छह से लेकर रात दस बजे तक नो एंट्री का भरोसा दिलाकर उन्हें शांत किया।
शहर के टर्नर रोड निवासी सुषमा बछेती शिमला बाइपास तिराहे स्थित हिल्टन स्कूल में शिक्षिका है। उनकी ग्यारह साल की बड़ी बेटी शुभि बछेती स्कूल में कक्षा छह में पढ़ती थी। सुषमा बेटी को लेकर रोज की तरह बुधवार को स्कूल जा रही थी।
सिर के ऊपर से गुजरा पिछला पहिया
रोज की तरह बुधवार सुबह सवा सात बजे के करीब सुषमा बेटी को लेकर स्कूल जा रही थी। आईएसबीटी का चौराहा पार करने के बाद स्कूटी टाटा मोटर्स के पास पहुंची तो बराबर में चल रहे लकड़ी से भरे दस पहिए ट्रक ने बाइक को बचाने के लिए तेजी से कट मारा।
ट्रक के कट से बचने में सुषमा संतुलन खो बैठी और मां-बेटी स्कूटी समेत सड़क पर गिर गई। मां सड़क पर बाईं तरफ गिरी जबकि बेटी ट्रक की साइड में जा गिरी। जब तक आसपास के लोग मासूम को बचाने के लिए कुछ करते, ट्रक के पिछले पहिए शुभि के सिर को कुचलते हुए आगे निकल गए।
उनके पीछे ही बेटी को स्कूल छोड़ने जा रहे नौशाद ने ट्रक को रोकने का प्रयास किया, लेकिन वह भी उसकी चपेट में आते-आते बचा।
उग्र लोगों का प्रदर्शन, एसपी सिटी पहुंचे
लोगों ने पीछा कर आरोपी चालक अदनान निवासी हसनपुर अमरोहा को दबोच लिया। गुस्साए लोगों ने ड्राईवर को पकड़कर धुनाई करने के बाद पुलिस को सौंप दिया। उग्र लोगों ने हंगामा करते हुए रास्ता जाम कर दिया।
शिमला तिराहे से यातायात डायवर्जित कर पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। उनका आरोप था कि हादसों में कई बच्चों की जिंदगी जाने के बाद भी भारी वाहनों पर सख्ती नहीं हो रही हैं। नो एंट्री के नाम पर बस खानापूर्ति कर के छोड़ दिया जाता है और शहर के बीच बड़े वाहन दौड़ते रहते हैं।
एसपी सिटी अजय सिंह ने लोगों की बात सुनने के बाद कहा कि दिन में इस इलाके में भारी वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी। तब जाकर पुलिस शव को कब्जे में ले सकी।