महिला ने सड़क पर बच्चे को जन्म दिया था।
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कंडी से महज 200 मीटर दूर सड़क पर जन्मे बच्चे ने समय से इलाज नहीं मिलने पर दम तोड़ दिया। जानकारी होने के बावजूद डॉक्टरों ने जच्चा-बच्चा की सुध नहीं ली।
टिहरी के सीएमओ अब भी जांच रिपोर्ट मांगकर कार्रवाई करने की बात कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को सीएमओ ने टीम भेजकर जांच कराने को कहा था, लेकिन कोई टीम गांव नहीं पहुंची।
बुधवार को रमोलसारी की रेखा देवी को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन किसी तरह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कंडी लेकर आए थे। वहां तैनात चिकित्सक ने महिला की जांच किए बगैर ही उसे 73 किमी दूर जिला चिकित्सालय नई टिहरी के लिए रेफर कर दिया।
अस्पताल के बाहर पैदा होने के बाद भी नहीं ली सुध
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परिजन सात माह की गर्भवती महिला को लेकर अस्पताल से बाहर ही निकले थे कि उसने मात्र 200 मीटर दूर सड़क पर ही बच्चे को जन्म दे दिया। तब अस्पताल की अव्यवस्था से नाराज परिजन जच्चा-बच्चा को लेकर घर लौट आए।
शुक्रवार को चिकित्सकों की लापरवाही सामने आने के बाद भी किसी ने नवजात की सुध नहीं ली और इलाज न मिलने से शुक्रवार साढ़े तीन बजे नवजात ने दम तोड़ दिया।
क्षेत्र के पूर्व जिला पंचायत सदस्य जीत सिंह चौहान और एलम सिंह ने बताया कि बुधवार को सड़क में प्रसव होने की सूचना स्वास्थ्य विभाग को थी।
सीएमओ ने तीन दिन में मांगी जांच रिपोर्ट
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बावजूद इसके किसी ने बच्चे की सुध नहीं ली। इस बाबत पीएचसी कंडी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. धर्मजेंद्र उनियाल का कहना है कि जच्चा-बच्चा के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
प्रभारी चिकित्साधिकारी से तीन दिन में जांच रिपोर्ट मांगी गई है। स्पष्ट जानकारी नहीं मिलेगी तो तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाई जाएगी। जांच में जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रसूता का स्वास्थ्य परीक्षण कर उसे उपचार दिया जाएगा।
-डॉ. अर्जुन सिंह सेंगर, सीएमओ, नई टिहरी।