प्रदेश में विभागों के बीच तालमेल का अभाव है। सचिवालय में बैठक के बाद नए मुख्यसचिव रविशंकर ने यह बात कही। शनिवार को हुई बैठक में मुख्य सचिव ने सचिवों के विभागों में परिवर्तन के संकेत भी दिए। साथ ही प्रदेश की वित्तीय स्थिति और पुनर्निर्माण पर फोकस करने का इरादा भी जताया।
बैठक में सीएस ने अधिकारियों को विभागों में तेजी लाने को कहा। शनिवार को अवकाश था फिर भी बैठक में करीब-करीब सभी अधिकारी पहुंचे। बैठक के बाद मीडिया से मुखातिब मुख्य सचिव ने स्वीकार किया कि विभागों के बीच तालमेल की कमी हैं।
उन्होंने कहा कि विभागों के सचिवों के विभागों को तर्कसंगत किए जाने की जरूरत है। कई-कई विभागों का काम होने के कारण सचिवों की व्यस्तता अतिरिक्त हो जा रही है। कुछ सचिवों के पास काम बेहद कम है।
अपर मुख्य सचिव पर संशय बरकरार
दूसरी ओर सीएस की दौड़ में रहे अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव वित्त राकेश शर्मा की भूमिका पर संशय बरकारार है। माना जा रहा है कि सरकार राकेश शर्मा को राजस्व परिषद का अध्यक्ष बनाने की तैयारी कर रही है, पर शर्मा अभी कुछ नहीं कह रहे हैं।
वहीं मुख्यमंत्री ने राकेश शर्मा से किसी तरह की नाराजगी से इनकार किया। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मुख्य सचिव को लगता है कि सचिवों के विभाग बदले जाने की जरूरत है तो सरकार इस पर भी ध्यान देगी।
टीओआर जारी
प्रदेश की वित्तीय स्थिति और राजस्व बढ़ाने के लिए गठित कमेटी के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है। पूर्व मुख्य सचिव इंदु कुमार पांडे को इस कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया था। पांडे ने बताया कि कमेटी प्रदेश के राजस्व की स्थिति का आकलन करने के साथ ही सरकार के खर्च की भी समीक्षा करेगी।