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Dehradun: ए, बी और सी कैटेगरी में चिन्हित होंगे सार्वजनिक उपक्रम और निगम, मुख्य सचिव एसएस संधू ने दिए निर्देश

Sat, 23 Dec 2023 06:16 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, देहरादून

सार

देहरादून में शुक्रवार को आयोजित बैठक में मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधू ने निगमों के कामकाज को प्रभावी बनाने और कर्मचारियों के ढांचे से संबंधित मसलों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक उद्यम एवं निगमों को तीन श्रेणियों में बांटा जाए।
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मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधू - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राज्य सरकार के सार्वजनिक उपक्रमों, निगमों और स्वायत्तशासी संस्थाओं के बीच प्रतियोगी भावना पैदा करने के लिए प्रदेश सरकार अब इनकी ग्रेडिंग करेगी। इन्हें तीन श्रेणियों में बांटा जाएगा। मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधू ने सार्वजनिक उद्यम विभाग को इस संबंध में कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

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शुक्रवार को आयोजित बैठक में उन्होंने निगमों के कामकाज को प्रभावी बनाने और कर्मचारियों के ढांचे से संबंधित मसलों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक उद्यम एवं निगमों को तीन श्रेणियों में बांटा जाए।

मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधू ने कहा कि अच्छा प्रदर्शन कर मुनाफे में रहने वाले सार्वजनिक उपक्रम एवं निगम श्रेणी ए में, औसत प्रदर्शन करने वाले सार्वजनिक उपक्रमों, निगमों एवं स्वायत्तशासी संस्थानों को श्रेणी बी में और निम्न प्रदर्शन करने वाले सार्वजनिक उपक्रमों, निगमों एवं स्वायत्तशासी संस्थानों को सी श्रेणी में रखा जाए। अच्छा प्रदर्शन करने वाले निगम एवं संस्थानों को भत्तों आदि के लिए स्वतंत्रता दी जाएगी एवं अपने स्तर से निर्णय ले सकेंगे।
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वहीं, बी और सी श्रेणी के सार्वजनिक उपक्रम एवं निगम आदि अच्छा प्रदर्शन कर निर्धारित मानदंडों को पूरा कर श्रेणी ए में आ सकेंगे। इससे निगमों में प्रतियोगी भावना भी जागृत होगी और प्रदर्शन में सुधार आएगा। मुख्य सचिव ने सार्वजनिक उद्यम ब्यूरो को मजबूत बनाते हुए 15 दिन में मीटिंग कराए जाने के निर्देश दिए।

उन्होंने सार्वजनिक उपक्रमों, निगमों, स्वायत्तशासी संस्थाओं के कार्य-कलापों का प्रभावी ढंग से अनुश्रवण एवं लक्ष्य आदि निर्धारित करने संबंधी विषयों के समाधान के लिए केंद्र सरकार द्वारा की गई व्यवस्था को राज्य में भी लागू करने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, अरविंद सिंह ह्यांकी, विनय शंकर पांडेय सहित विभिन्न सार्वजनिक उपक्रमों, निगमों, स्वायत्तशासी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
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