- न्याय पंचायत, विधानसभा क्षेत्र, संसदीय क्षेत्र और राज्य स्तर पर होंगी स्पर्धाएं
- कुल 26 खेल स्पर्धाएं होंगी, ट्रॉफी विजेता को मिलेंगे पांच लाख
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। खेल महाकुंभ इस साल से नये नाम मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी के नाम से आयोजित किया जाएगा। इसकी शुरुआत 23 दिसंबर से होने जा रही है। खेल मंत्री रेखा आर्या ने सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में इसकी जानकारी देते हुए बताया कि बहादराबाद हरिद्वार या फिर लोहाघाट से खेलों का आगाज होगा।
खेल मंत्री ने कहा, यह प्रतियोगिताएं न्याय पंचायत, विधानसभा, संसदीय क्षेत्र और राज्य स्तरीय चार चरणों में आयोजित की जाएंगी। इसमें कुल 26 खेल स्पर्धाएं होंगी, जिनमें इस बार परंपरागत खेलों को भी जगह दी गई है। चैंपियनशिप का समापन 28 जनवरी को होगा और इस दिन मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी के साथ विजेता को पांच लाख की धनराशि दी जाएगी। चैंपियन का निर्णय उनकी ओर से जीते गए मेडल के आधार पर प्रदान किए गए अंकों के योग से किया जाएगा।
इसके अलावा सांसद ट्रॉफी जीतने वाली टीम को दो लाख और विधानसभा ट्रॉफी जीतने वाली टीम को एक लाख रुपये नगद इनाम दिया जाएगा। राष्ट्रीय रिकार्ड तोड़ने पर खिलाड़ी को एक लाख की अतिरिक्त इनाम राशि दी जाएगी।
एक लाख 10 हजार से ज्यादा खिलाड़ी करा चुके पंजीकरण
देहरादून। खेल मंत्री ने बताया कि चैंपियनशिप के लिए रजिस्ट्रेशन 14 अक्तूबर से शुरू कर दिए गए थे, अभी तक एक लाख 10 हजार से ज्यादा खिलाड़ी पंजीकरण करा चुके हैं। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 22 दिसंबर तक खुले रहेंगे।
दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए अलग प्रतियोगिता
देहरादून। प्रदेश के दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए एथलेटिक्स, बैडमिंटन और तैराकी की स्पर्धा अलग से आयोजित की जाएगी। खेल मंत्री ने बताया कि इस श्रेणी के लिए भी रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिए गए हैं।
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बिना जूते, ट्रैकसूट न हो कोई खिलाड़ी
देहरादून। खेल मंत्री रेखा आर्या ने सचिवालय स्थित एनआईसी कार्यालय में सभी जिलों के जिलाधिकारी के साथ इस आयोजन को लेकर एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की। उन्होंने सभी जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि ट्रायल और खेलों में हिस्सा लेने वाले सभी खिलाड़ी के पास जूते और ट्रैकसूट हो, यह सुनिश्चित कर लिया जाए। इसके साथ ही सर्दी से खिलाड़ियों को बचाव के लिए पर्याप्त व्यवस्था करें, हर खेल स्थल पर स्वास्थ्य विभाग की टीम को तैनात करने, आवश्यकता पड़ने पर खिलाड़ियों को रात में ठहराने और भोजन आदि की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए।