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उत्तराखंड अमर उजाला स्थापना दिवस: राज्यपाल ने कहा- 25 वर्षों की यात्रा में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं, सीएम धामी बोले- कायम रखी विश्वसनीयता

Fri, 25 Feb 2022 08:29 AM IST
प्रशांत कुमार अमर उजाला ब्यूरो, उत्तराखंड

सार

राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहा कि अमर उजाला की 25 वर्षों की स्वर्णिम यात्रा के लिए हार्दिक शुभकामनाएं। सीएम धामी ने कहा कि ‘जोश सच का’ टैग लाइन के साथ 25 वर्ष के इस सफर में अमर उजाला जो अनमोल चीज हासिल की, वह है विश्वसनीयता।
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राज्यपाल गुरमीत सिंह, सीएम पुष्कर सिंह धामी - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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उत्तराखंड के राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहा कि मुझे यह जानकर प्रसन्नता हुई है कि प्रतिष्ठित राष्ट्रीय दैनिक समाचार पत्र अमर उजाला को उत्तराखंड में 25 वर्ष पूर्ण होने जा रहे हैं। राज्य में जनमानस का अमर उजाला के प्रति लगाव से स्पष्ट होता है कि 25 वर्षों की यात्रा में समाचार पत्र ने निश्चित रूप से कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। उत्तराखंड पृथक राज्य आंदोलन की प्रखर आवाज रहा अमर उजाला उत्तराखंड राज्य की 21 वर्षों की प्रगति का भी साक्षी रहा है। राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय सरोकारों के प्रति अमर उजाला ने पूरी सजगता, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ अपनी भूमिका का निर्वहन किया है। अमर उजाला समाज के हर जरूरतमंद, कमजोर और अंतिम पंक्ति पर खड़े व्यक्ति की आवाज बना हुआ है। आशा है कि अमर उजाला पत्रकारिता को कायम रखते हुए अपनी निष्पक्षता, विश्वसनीयता और जवाबदेही को बनाए रखेगा। अमर उजाला की 25 वर्षों की स्वर्णिम यात्रा के लिए हार्दिक शुभकामनाएं।

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मैं दशकों से अमर उजाला का नियमित पाठक हूं
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह प्रसन्नता का विषय है कि दैनिक समाचार पत्र अमर उजाला अपना 25वां स्थापना दिवस मना रहा है। मैं दशकों से अमर उजाला का नियमित पाठक हूं। पत्रकारिता के जिन उद्देश्यों और सामाजिक सरोकारों को लेकर यह अखबार शुरू किया गया था, आज भी वह उन पर कायम है। इसके लिए मैं अमर उजाला परिवार को हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित करता हूं। मेरा मानना है कि खबर अखबार का मूल तत्व है और अमर उजाला खबरों को प्राथमिकता से प्रकाशित करने की जिम्मेदारी का बखूबी निर्वहन करता है। इतना ही नहीं, समाचार पत्र में निष्पक्षता पूर्वक खबरों को उनकी महत्ता के अनुसार स्थान प्रदान करना भी अमर उजाला की खूबी रही है।

जनता के सामने सच लाने का प्रयास अमर उजाला की पहचान
कहा कि मुझे याद है, 90 दशक में उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन के वक्त अमर उजाला ने पूरी शिद्दत के साथ अपने दायित्व का निर्वहन किया। यूं तो इस स्वत: स्फूर्त आंदोलन में जन-जन की सहभागिता रही लेकिन अमर उजाला जैसे समाचार पत्रों ने विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले समूचे पहाड़ी क्षेत्र में इसे लेकर जागरूकता फैलाकर राज्य निर्माण में अविस्मरणीय योगदान दिया। आज जबकि पृथक उत्तराखंड राज्य निर्माण के 21 वर्ष हो चुके हैं तब भी अमर उजाला समाज के एक सजग प्रहरी की भूमिका का निर्वहन निरंतर करता चला आ रहा है। इस दौरान राज्य के संतुलित विकास, पर्यावरण संरक्षण, लोक संस्कृति के संवर्द्धन, महिला सशक्तीकरण, भू कानून जैसे संवेदनशील मुद्दों पर अमर उजाला ने हमेशा अपनी बेबाक राय रखी। कोविड जैसी विश्वव्यापी महामारी से मुकाबला करने में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस मुश्किल दौर में देश-विदेश के अलावा स्थानीय स्तर पर सही व सटीक जानकारी देने में अमर उजाला कारगर साबित हुआ। इसमें कोई दो राय नहीं कि हिंदी पत्रकारिता को अमर उजाला ने एक नया आयाम दिया है, जिसमें समाचारों में निर्भीकता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता साफ झलकती है। जनता के सामने सच लाने का प्रयास अमर उजाला की पहचान है। ‘जोश सच का’ टैग लाइन के साथ 25 वर्ष के इस सफर में अमर उजाला जो अनमोल चीज हासिल की, वह है विश्वसनीयता। एक बार फिर मेरी तरफ से पूरे अमर उजाला परिवार को हार्दिक शुभकामनाएं।

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