छठ पर्व का पहला अर्घ्य बुधवार को शाम 5.54 बजे दिया गया। मंत्रोच्चारण के बीच ढलते सूर्य को अर्घ्य पड़े। टपकेश्वर में 25 हजार लोगों ने अर्घ्य दिया। बृहस्पतिवार को सुबह दूसरे अर्घ्य के साथ ही व्रत संपन्न होगा।
निर्जला व्रत रखने वाले व्रतियों ने बुधवार को टपकेश्वर, जीएमएस रोड, पथरीबाग, रायपुर आदि जगहों पर विशेष पूजन कर डूबते सूरज को अर्घ्य दिया। शहरभर में करीब 35 से 40 हजार लोगों ने व्रत रख अलग-अलग जगहों पर पूजन किया।
टपकेश्वर में सुबह से ही भजन होने लगे थे। दो बजे से यहां पूजा करने को लोग पहुंचने शुरू हुए। यहां अपने-अपने हिस्से को बांटने के लिए लोगों ने मिट्टी के ढेर रखे थे। तीन बजे से गन्ने, फल आदि सामग्री सजानी शुरू कर दी गई थी।
शाम को अर्घ्य का समय होते ही व्रतियों ने पानी में डुबकी मारी और छठ पूजन के साथ ही सूर्यदेव को अर्घ्य दिया। इसके साथ ही मन्नत मांगी। वहीं जिनकी मन्नत पूरी हुई थी, उन्होंने मइया का शुक्रिया अदा किया।
आचार्य विपिन जोशी ने बताया कि पहली बार की गई सामूहिक आरती में भी सभी ने हिस्सा लिया। इस दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय और मसूरी विधायक गणेश जोशी ने भी कार्यक्रम में शिरकत की।