पहाड़ में आई आपदा के बाद से सरकार का पीड़ितों की मदद को लेकर क्या व्यवहार रहा है, यह किसी से छिपा नहीं है। कई मामलों में सरकार पीड़ितों के आंसू पोंछने की बजाए उनका उपहास उड़ाती दिख रही है।
आपदा में लापता हुए तीर्थनगरी के एक व्यक्ति के परिजनों को सरकार की ओर से दिया गया राहत राशि का चेक बाउंस होने की घटना तो यही बताती है।
देश-विदेश से अरबों की सहायता मिली
यह स्थिति तब है, जबकि केंद्र सरकार और देश-विदेश से कई स्वयंसेवी संस्थाओं की ओर से राज्य सरकार को आपदा पीड़ितों की मदद के लिए अरबों रुपये की सहायता मिल चुकी है।
मगर यह राशि पीड़ितों की सहायता पर खर्च होती नहीं दिख रही। आपदा के बाद से तीर्थनगरी की शिव शंकर तीर्थयात्रा कंपनी के टूरिस्ट गाइड हरेंद्र सिंह लापता हैं।
सरकार की ओर से आपदा के पौने तीन महीने बाद हरेंद्र की पत्नी राधा देवी के नाम आठ अगस्त-2013 को पांच लाख की राहत राशि का चेक दिया गया था। जिसे उन्होंने अपने स्टेट बैंक ऑफ पटियाला के अकाउंट में जमा कराया।
29 अगस्त को बैंक की ओर से उन्हें बताया गया कि संबंधित खाते में उक्त धनराशि अपर्याप्त है। उधर, भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यमंत्री संदीप गुप्ता ने आरोप लगाया कि सरकार आपदा पीड़ितों के साथ सहानुभूति की बजाए उनका मखौल उड़ा रही है।
यात्रा कंपनी का 90 यात्रियों का एक दल चारधाम यात्रा पर गया था। 16 जून को यात्री दल केदारनाथ के दर्शन के बाद गौरीकुंड के लिए रवाना हुआ। रामबाड़ा के समीप हादसे में दल की एक महिला सदस्य की मौत हो गई जबकि 60 यात्री लापता हो गए, जिनमें गाइड हरेंद्र सिंह भी शामिल है। इस दल के 29 सदस्य सकुशल लौटे।
राहत के चेक चहेतों को बांटने का आरोप
श्यामपुर। ग्राम सभा गुमानीवाला के ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर बाढ़ प्रभावितों को बांटी जा रही सहायता राशि अपात्र और चहेतों को बांटने का आरोप लगाया है।
उन्होंने मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में प्रकरण की जांच की मांग की है। मांग करने वालों में पंचायत सदस्य आकाश धनै, भगवती प्रसाद रतूड़ी, अभिषेक मेहर, कलम सिंह, फते सिंह, राहुल पंवार, भूपेंद्र सिंह, अरविंद उनियाल आदि शामिल हैं।