सिडकुल स्थित टेक्निका लैब एंड फार्मा कंपनी की ओर से छत्तीसगढ़ के नसंबदी कैंप में भेजे गई दवाई के निर्माण पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया गया है।
सभी उत्पादन एवं स्टॉक की सप्लाई पर रोक
साथ ही रुद्रपुर लैब को भेजे गए दवाई के नमूनों की रिपोर्ट आने तक कंपनी के सभी उत्पादन एवं स्टॉक की सप्लाई पर भी रोक लगा दी गई है।
छत्तीसगढ़ के रायपुर में नसबंदी ऑपरेशन के बाद 21 महिलाओं की मौत हो गई थी। मामले की जांच में महिलाओं को दी गई दवा हरिद्वार के सिडकुल स्थित टेक्निका लैब एंड फार्मा कंपनी से सप्लाई की बात समाने आई थी।
इसके बाद 26 नवंबर को दिल्ली की केंद्रीय टीम जांच के लिए हरिद्वार पहुंची थी।
इस दौरान टीम ने फार्मा कंपनी की दवाइयों के 10 नमूने लिए थे, जो दिल्ली की केंद्रीय लैब और रुद्रपुर लैब में भेजे गए थे। मामले की गंभीरता देखते हुए ड्रग इंस्पेक्टर मानवेंद्र सिंह ने शासन के आदेश पर कंपनी का लाइसेंस निलंबित किया था।
जो दवाई छत्तीसगढ़ भेजी गई थी, उसके उत्पादन और सप्लाई पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया गया है। साथ ही रुद्रपुर भेजे गए कंपनी के 10 दवाइयों के नमूने आने तक कंपनी के उत्पादन और माल की सप्लाई पर रोक लगा दी गई है।
अग्रिम कार्रवाई के लिए लैब से दवाइयों के नमूने की जांच रिपार्ट जल्द से जल्द मांगी गई है।