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अब केदारनाथ में हो सकेगा भारी निर्माण

Thu, 04 Dec 2014 10:13 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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केदारनाथ में भारी निर्माण का रास्ता अब साफ हो गया है। एअरफोर्स एक बार एमआई 26 हेलीकॉप्टर के लिए बनाए जा रहे हैलीपैड की रेकी कर ली है।
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निर्माण कार्य के लिए 15 जनवरी तक का समय
अब ट्रायल लैंडिंग की जाएगा। उम्मीद की जा रही है कि 12 दिसंबर तक हेलीकॉप्टर भारी मशीनरी लेकर केदारनाथ पहुंचना शुरू कर देगा। प्रदेश सरकार ने केदारनाथ में निर्माण कार्य के लिए 15 जनवरी तक का समय रखा है। इसके तहत केदारनाथ में सुरक्षा दीवारों को निर्माण होना है।

ध्वस्तीकरण किया जाना है और सरस्वती नदी के किनारे घाट बनने हैं। रास्तों का निर्माण होना है। यह सब कुछ एमआई 26 के हैलीपैड पर भी निर्भर कर रहा है। ऐसे में हैलीपैड के निर्माण पर फोकस किया जा रहा है। खास बात यह भी है कि हैलीपैड की एक बार एअरफोर्स ने रेकी की है।
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सूत्रों के मुताबिक एअरफोर्स हैलीपैड के डिजाइन से लेकर निर्माण कार्य को लेकर संतुष्ट है। अब हेलीपैड पर एमआई 26 की ट्रायल लैंडिंग की जानी है। यह काम 12 दिसंबर तक होने की उम्मीद की जा रही है। निम के प्रधानाचार्य कर्नल कोठियाल के मुताबिक एअरफोर्स रेकी कर चुका है। हैलीपैड के निर्माण को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

एमआई 26 का जल्द से जल्द पहुंचना जरूरी
हेलीपैड को लेकर निर्माण एजेंसी की और भी योजनाएं हैं। केदारनाथ जैसे उच्च हिमालयी क्षेत्र में समतल मैदान का मिलना कठिन है। एक बार भारी मशीनों के पहुंचने के बाद एमआई 26 की उपयोगिता भी घाटी में नहीं रह जाएगी। ऐसे में हैलीपैड पर करीब 40 मेक शिफ्ट दुकानें भी बनाई जा रही है।

यानी हेलीकॉप्टर के न आने की सूरत में इस स्थान का उपयोग केदारनाथ में एक मिनी बाजार को विकसित करने के लिए भी किया जा रहा है। हेलीकॉप्टर के लैंड करने की सूरत में इन मेक शिफ्ट दुकानों को हटाया भी जा सकेगा।

प्रदेश सरकार 15 जनवरी तक केदारनाथ में अधिकतम काम कराने का निर्देश जारी कर चुकी है। इस स्थिति को देखते हुए एमआई 26 का केदारनाथ जल्द से जल्द पहुंचना जरूरी है।
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एमआई 26 एक तरह से मालवाहक हेलीकॉप्टर है और इसकी मदद से क्रेन, बुलडोजर जैसी मशीनों को केदारनाथ पहुंचाया जा सकता है। वैसे निम देहरादून में जेसीबी के पुर्जे अलग कर और फिर इन पुर्जों को केदारनाथ मे जोड़ कर जेसीबी से काम लेने में भी सफल रहा है।
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