रुड़की के एक इंजीनियरिंग कॉलेज द्वारा दाखिले की फीस वापस न करने पर जिला उपभोक्ता फोरम ने कॉलेज पर फीस एवं जुर्माने की धनराशि सहित एक लाख 25 हजार रुपये का शिकायतकर्ता को देने के आदेश किए।
छात्र पवन नैलवाल पुत्र कैलाश चंद्र निवासी काशीपुर उधमसिंह नगर ने उपभोक्ता फोरम में कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग रुड़की (कोर) और उत्तराखंड टैक्नीकल विश्वविद्यालय सहित एआईसीटीई के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।
फीस के साथ 18 हजार जुर्माना
शिकायत में कहा कि उसने एआईसीटीई की ओर से आयोजित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा पास की थी। इसके बाद पवन ने कालेज ऑफ इंजनीयरिंग रुड़की (कोर) में वर्ष 2012 में बीटेक में दाखिला लिया था। कॉलेज में प्रवेश के दौरान पवन ने दाखिले की फीस 01 लाख छह हजार 500 रुपये जमा कराए थे।
बाद में पवन ने दूसरे शिक्षण संस्थान में प्रवेश ले लिया था। दूसरे संस्थान में प्रवेश मिल जाने के कारण पवन ने दाखिले के समय कोर कॉलेज में जमा की फीस वापस मांगी, लेकिन कोर कॉलेज ने फीस लौटाने से साफ इंकार कर दिया।
फीस वापस न मिलने पर पवन ने जिला उपभोक्ता फोरम में इंजीनियरिंग कॉलेज पर फीस वापस न देने का आरोप लगाते हुए यूके टेक्नीकल विश्वविद्यालय और एआईसीटीइ के खिलाफ भी शिकायत दर्ज की थी। फोरम ने विपक्षियों के खिलाफ नोटिस जारी किए।
कॉलेज का तर्क
विपक्षी कॉलेज ने अपने जवाब में कहा कि शिकायतकर्ता ने दूसरे कॉलेज में प्रवेश की सूचना नहीं दी थी। इस कारण कॉलेज की सीट खाली रहने से फीस वापस नहीं होगी।
दोनों पक्षों को सुनने के बाद उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष आरपी पांडेय, सदस्य प्रदीप पालीवाल ने कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग रुड़की कोर को शिकायतकर्ता को एक लाख 25 हजार का हर्जाने सहित अदा करने के आदेश दिए।