कांवड़ यात्रा की व्यवस्था में लगे सभी नोडल अधिकारियों का व्हाट्सएप ग्रुप बनाने, अंतरराज्यीय बैरियरों पर संयुक्त पुलिस चेकिंग करने, यात्रा रूट पर लगने वाले लंगरों को निश्चित स्थान पर लगाने, कांवड़ियों के डीजे, लाठी-डंडों पर नियंत्रित करने, सोशल मीडिया पर भेजे जाने वाले संदेशों की निगरानी रखने आदि पर चर्चा हुई।
डीजीपी रतूड़ी ने कहा कि बैठक का उद्देश्य कांवड़ यात्रा के दौरान उत्तर प्रदेश, हिमाचल, हरियाणा, दिल्ली और दूसरी एजेंसियाें की पारस्परिक सहयोग से शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना है। कांवड़ यात्रा के दौरान अवांछनीय तत्व सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ सकते हैं।
पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने कांवड़ यात्रा के दौरान चार धाम, मसूरी एवं देहरादून आने वाले यात्रियों के लिए हरिद्वार से हटकर तैयार रूट के प्रचार पर बल दिया।
बैठक में अपर पुलिस महानिदेशक प्रशासन वी विनय कुमार, सहारनपुर रेंज के आईजी शरद सचान, करनाल रेंज के आईजी योगेंद्र सिंह नेहरा, एसएसबी के महानिरीक्षक श्याम सुंदर चतुर्वेदी, आरपीएफ के आईजी संजय सांस्कृतायन, आईजी संजय गुंज्याल, आईजी कानून व्यवस्था दीपम सेठ, आईजी गढ़वाल अजय रौतेला, दिल्ली पुलिस के एडिशनल सीपी एसएन मोसोबी, पंजाब के पुलिस उप महानिरीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था गुरप्रीत सिंह गिल, सिरमौर के पुलिस अधीक्षक अजय कृष्ण शर्मा आदि अधिकारी मौजूद थे। संचालन एसपी प्रीति प्रियदर्शनी ने किया।
- कांवड़ यात्रा के दौरान जुगाड़ वाहनों पर पूर्णत: प्रतिबंध।
- कांवड़ियों को नहर पटरी मार्ग के प्रयोग को प्रोत्साहित करने।
- कांवड़ियों के पहचान पत्र को अनिवार्य रूप से लागू करने।
- सात फीट से ऊंची कांवड़ न लेकर चले।
- ट्रेन की छतों पर यात्रा न करने को लेकर प्रचार करेंगे।
यहां होगी चेकिंग
- चिड़ियापुर बैरियर, नारसन चैक पोस्ट, लखनौता चैक पोस्ट, काली नदी बैरियर और गोवर्धन चैक पोस्ट पर संयुक्त चेकिंग।
- नेपाल और चीन सीमा के संदर्भ में पुलिस संगठनों, सुरक्षा एजेंसियों के मध्य सूचनाओं के आदान प्रदान करने और महत्वपूर्ण पुलों आदि की सुरक्षा।