लंबे इंतजार के बाद पोकलैंड मशीनों ने मलबा हटाना शुरू किया। 3.30 बजे राज्य मंत्री डा. धन सिंह रावत भी यहां से गुजरे, लेकिन वह भी जाम में फंसे रहे। उन्होंने मौके पर अधिकारियों से वार्ता कर काम में तेजी लाने के निर्देश दिए।
राजमार्ग अवरुद्ध होने से सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गयी। देवप्रयाग थाने व बछेलीखाल चौकी से पहुंची पुलिस टीमों को यातायात व्यवस्थित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। सात ही यहां फंसे यात्रियों को भोजन-पानी की भी परेशानी उठानी पड़ी।
वहीं तहसीलदार एससी बुटोला ने बताया कि प्रशासन की तरफ से यात्रियों के लिए पानी-बिस्कुट और छोटे बच्चो के लिए दूध की व्यवस्था की गयी है। थाना प्रभारी महिपाल सिंह ने बताया कि रूट डाइवर्जन करके देवप्रयाग से गजा खाड़ी होकर वाहन ऋषिकेश भेजे जा रहे हैं।
इधर, लोनिवि राष्ट्रीय राजमार्ग खंड के अधिशासी अभियंता मनोज बिष्ट ने बताया कि सड़क पर मलबा हटाने के साथ ही बोल्डर तोड़ने में वक्त लग गया। शाम पौने छह बजे हाईवे खोला जा सका।