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चारधाम: खौफ पर भारी पड़ रही आस्था, उमड़े श्रद्धालु

Tue, 06 May 2014 11:00 PM IST
अमर उजाला, बदरीनाथ, गोपेश्वर, उत्तरकाशी
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मंगलवार को करीब तीन हजार तीर्थयात्रियों ने बदरीनाथ धाम में मत्था टेका। तीर्थयात्रियों में बदरीनाथ धाम की यात्रा को लेकर गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है।
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सोमवार को धाम में हुई बारिश को देखते हुए तीर्थयात्रा धीमी पड़ने की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन बदरीनाथ हाईवे की दुश्वारियों को पार कर धाम में तीर्थयात्रियों का रैला उमड़ रहा है। यदि धाम में मौसम सही रहा तो लोक सभा चुनाव और विद्यालयों के अवकाश के बाद तीर्थयात्रा पूर्व की भांति पटरी पर लौट आने की उम्मीद है।

बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह का कहना है कि धाम में तीर्थयात्रियों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।

बदरीनाथ बाजार में तीर्थयात्रियों के लिए नि:शुल्क भंडारे की व्यवस्था की गई है, जबकि गरीब और असहाय तीर्थयात्रियों को समिति की ओर से रात्रि विश्राम की नि:शुल्क व्यवस्था की गई है।
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पांडुकेश्वर में एक घंटा गुजारेंगे तीर्थयात्री

बदरीनाथ धाम की यात्रा पर आने वाले तीर्थयात्री को पांडुकेश्वर में आवश्यक रूप से एक घंटे इंतजार करना पडे़गा। यहां से बदरीनाथ के लिए गेट सिस्टम से ही वाहनों की आवाजाही होगी। बदरीनाथ से निकले वाहनों के पांडुकेश्वर पहुंचने के बाद ही पांडुकेश्वर में रोके गए वाहनों को बदरीनाथ धाम जाने की इजाजत दी जाएगी।

पुलिस अधीक्षक ने जोशीमठ और बदरीनाथ धाम स्थित थानों को प्रेस और पुलिस के वाहनों को भी बदरीनाथ से गेट छूटने से पहले न छोड़ने की सख्त हिदायत दी है।

पांच मई को बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के मौके पर धाम पहुंचे वाहनों को जगह-जगह जाम का सामना करना पड़ा था। इससे पुलिस को भी भारी फजीहत झेलनी पड़ी। अब सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक बदरीनाथ हाईवे पर तीन बार गेट सिस्टम लागू होगा।

पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार मीणा का कहना है कि बदरीनाथ से गेट छूटने के बाद पांडुकेश्वर से बदरीनाथ जाने वाले वाहन बदरीनाथ से लौटने वाहनों के पांडुकेश्वर पहुंचने के बाद ही आगे बढ़ सकेंगे।

पैदल ही आवाजाही को मजबूर

बदरीनाथ हाईवे की बदहाली बदरीनाथ धाम जा रहे तीर्थयात्रियों के लिए मुसीबत का सबब बना हुई है। बीती सोमवार शाम को बदरीनाथ क्षेत्र में बारिश होने से हाईवे लामबगड़, बैनाकुली, रड़ांग बैंड और जेपी बैराज के पास जानलेवा बना हुआ है।

जेपी बैराज के समीप वाहनों को एक-एक कर छोड़ा जा रहा है। यहां हाईवे पर खड़ी चढ़ाई होने से वाहन चढ़ नहीं पा रहे हैं जिससे तीर्थयात्री इस स्थान पर पैदल आवाजाही कर रहे हैं। रड़ांग बैंड में बीआरओ द्वारा हाईवे पर आए मलबे को साफ तो कर लिया गया है, लेकिन मार्ग ऊबड़-खाबड़ होने से वाहन बीच में ही फंस रहे हैं।

बीआरओ के कमान अधिकारी राहुल श्रीवास्तव का कहना है कि हाईवे जिन स्थानों पर खतरनाक बना हुआ है, वहां मजदूरों द्वारा गड्ढों का भरान किया जा रहा है। हाईवे को दुरुस्त रखने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं।

हाईवे नहीं, सौंदर्यीकरण पर खर्च हो रहे करोड़ों

एक ओर तो बदहाल यमुनोत्री हाईवे पर वाहनों की आवाजाही जोखिम भरी बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर राजमार्ग निर्माण खंड लोनिवि यमुना पुल से बड़कोट दोबाटा और धरासू बैंड से फूलचट्टी महज 165 किमी हाईवे पर रेडियम पोल और साइन बोर्ड लगाने पर ही करीब सवा चार करोड़ का बजट ठिकाने लगाने में जुटा है।

कई जगह तो पैराफिट की आड़ में रेडियम पोल लगाए जा रहे हैं। सरकारी बजट के इस दुरुपयोग पर हैरानी जताते हुए स्थानीय लोगों ने इसकी उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।

आपदा की आड़ और राजमार्ग सौंदर्यीकरण के नाम पर एनएच के अधिकारी यमुनोत्री हाईवे पर सरकारी धन का दुरुपयोग करने में जुटे हैं।

भारी बर्फबारी से गंगोत्री-गोमुख ट्रैक क्षतिग्रस्त

जोखिम के साथ ही सही लेकिन गोमुख तक पर्यटकों की आवाजाही शुरू होने से गंगोत्री ग्लेशियर के पिघलने की हैरतंगेज तस्वीर सामने आने लगी है।

इस बार गोमुख का मुहाना दाहिने छोर क्षतिग्रस्त हो गया है। यहां करीब 40 मीटर गहरी दरार उभरने से ग्लेशियर पिघलने की रफ्तार तेज होने की आशंका है।

बीते साल की आपदा और सर्दियों में हुई भारी बर्फबारी ने गंगोत्री-गोमुख ट्रैक को क्षतिग्रस्त कर दिया था। ट्रैक की खस्ताहाल स्थिति को देखते हुए गंगोत्री नेशनल पार्क प्रशासन ने शुरूआत में पर्यटकों को गोमुख क्षेत्र में आवाजाही की अनुमति नहीं दी।

गंगोत्री मंदिर के कपाट खुलने के बाद अब पार्क में प्रवेश की अनुमति दी जा रही है। ट्रैक इस कदर जोखिम भरा है कि पर्यटक जान हथेली पर लेकर आवाजाही करने को मजबूर हैं।

गोमुख ग्लेश‌ियर का रास्ता बदला

गोमुख ग्लेशियर के दाहिने छोर पर कटाव बहुत बढ़ गया है। यहां करीब 40 मीटर गहरी दरार उभर आई है। पहले इस छोर से पर्यटक जोखिम के साथ आवाजाही करते थे, लेकिन इस बार यहां से जाने लायक रास्ता नहीं होने से पर्यटक भोजवासा से भागीरथी पार कर दूसरे छोर से तपोवन की ओर जाने को मजबूर हैं।
-तिलक सोनी, संचालक वेयर ईगल्स डेयर।

क्या कहते हैं अध‌िकारी
पिछले साल के बाद गंगोत्री ग्लेशियर के मुहाने गोमुख में हुई क्षति का अभी जायजा नहीं लिया गया है। क्षतिग्रस्त हुए गंगोत्री-गोमुख ट्रैक को दुरुस्त कराया जा रहा है। अभी तक पार्क क्षेत्र में प्रवेश के 10 परमिट जारी हुए हैं। 15 मई के बाद मैं स्वयं गोमुख जाकर स्थिति का जायजा लूंगा।
-जीएन यादव, उपनिदेशक गंगोत्री नेशनल पार्क।
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तीर्थयात्री पहुंचे तो जुट गए आवभगत में

मंगलवार, समय सुबह 11 बजे बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा के यात्रा पड़ाव पाखी में दो बड़े और तकरीब 12 छोटी दुकानों के व्यापारी और कर्मचारी तीर्थयात्रियों के इंतजार में बैठे थे।

तभी एक साथ पांच वाहन में व्यापारी हाईवे के पास रुके तो व्यवसायियों के चेहरे खिल उठे। अलग-अलग होटलों में तीर्थयात्री गए तो व्यापारी भी उनकी आवभगत में जुट गए। बदरीनाथ यात्रा पड़ावों पर इन दिनों यही स्थिति देखने को मिल रही है।

आपदा के बाद इस बार स्थानीय व्यवसायियों में चारधाम यात्रा को लेकर संशय बना हुआ था। बदरीनाथ धाम के कपाटोद्घाटन पर हजारों की संख्या में पहुंचे तीर्थयात्रियों से यात्रा पड़ावों पर रौनक लौट आई है तो अब व्यवसायी भी खुश हैं।

बदरीनाथ में अपना व्यवसाय चलाने वाले विकास जुगरान का कहना है कि आपदा के बाद इस वर्ष धाम में अच्छी संख्या में तीर्थयात्री पहुंच रहे हैं। मौसम ने साथ दिया तो धाम में यात्रियों का रैला उमड़ेगा। व्यवसाय भी खूब चलेगा।
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