स्थिति यह थी कि मुख्य मंदिर से लेकर हेलीपैड व स्नान घाटों से होते हुए बड़े पत्थर के पीछे बाजार तक श्रद्धालुओं की करीब एक किमी लंबी लाइन लग गई। मार्ग संकरा होने के साथ ही रेलिंग के स्थान पर बंधी रस्सियों से नदी में गिरने का खतरा रहता है। भीड़ के दौरान ही यात्रियों में धक्का मुक्की की नौबत आ रही है।
पुलिस को भीड़ नियंत्रित करने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। गंगोत्री पुलिस चौकी प्रभारी प्रमोद उनियाल ने बताया कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रस्सियां लगाकर लाइन आदि बनाकर व्यवस्था बनाई गई। अचानक अधिक भीड़ होने के कारण बड़े पत्थर तक लाइन लग गई थीं।
केदारनाथ धाम में जाने के लिए मुख्य पड़ाव सोनप्रयाग में टैक्सी शटल के लिए लंबी लाइन लग रही है। 20 किमी. पैदल यात्रा करने के बाद धाम पहुंचने पर दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को कई घंटों तक लाइन में इंतजार करना पड़ रहा है। चारोंधाम में एक दिन में औसतन 70 से 80 हजार श्रद्धालु दर्शन कर रहे हैं। केदारनाथ धाम में एक दिन में 20 से 25 हजार व बदरीनाथ धाम में 19 से 20 हजार श्रद्धालु दर्शन कर रहे हैं।