22 अक्टूबर की रात्रि में गंगा की डोली मुखबा गांव से करीब दो किमी की दूरी पर स्थित मार्कडेंय मंदिर में रात्रि विश्राम करेगी। उसके बाद अगले दिन 23 अक्तूबर को दोपहर में गंगा जी की विग्रह डोली मुखबा गांव पहुंचेगी। वहां पर गंगा मंदिर में उनकी भोगमूर्ति को विधिविधान से शीतकाल छह माह के लिए स्थापित किया जाएगा।
वहीं दूसरी ओर यमुनोत्री धाम मंदिर समिति के प्रवक्ता पुरूषोत्तम उनियाल ने बताया कि यमुनोत्री धाम के कपाट भैयादूज पर 23 अक्तूबर को शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। इसका मूहूर्त दो अक्टूबर को विजयदशमी के पर्व पर पंचांग के अनुसार निकाला जाएगा।