शव परिजनों के सुपुर्द किया गया। मृत्यु का कारण हृदय गति रुकना बताया गया है। गंगोत्री धाम में यह दूसरी मौत है, जबकि यमुनोत्री धाम को भी देखा जाए तो दोनों धामों में अब तक कुल 12 श्रद्धालुओं की मौतें हो चुकी हैं। वहीं, बदरीनाथ धाम में भी लक्ष्मी देवी (75) निवासी राजकोट गुजरात की हृदय गति रुकने से जान गई थी। ऐसे में चारधाम यात्रा के दौरान अब तक 13 श्रद्धालुओं की जान जा चुकी है।