सभी श्रद्धालुओं से हो शालीनतापूर्ण का व्यवहार
सीएम ने चारधाम यात्रा से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को यात्रा पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं के साथ शालीनतापूर्ण व्यवहार करने के निर्देश दिए। कहा, श्रद्धालुओं से किसी भी तरह की अभद्रता न हो। विद्युत, पेयजल और सड़कों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। यात्रा मार्गों पर जगह-जगह बने शौचालयों को दुरुस्त किया जाए। महिलाओं के लिए अलग शौचालय की व्यवस्था हो। यात्रा ड्यूटी में प्रत्येक छह घंटे के बाद सुरक्षा में तैनात कर्मियों को आराम दिया जाए। यात्रा में आने वाले वाहन चालकों के रहने और सोने की उचित व्यवस्था हो। चारधाम यात्रा में जाने वाले वाहनों में दो-दो वाहन चालकों की व्यवस्था हो। वाहनों की फिटनेस का विशेष ध्यान रखा जाए।
सूचना तंत्र हो मजबूत, समय पर मिले जरूरी सूचनाएं
कहा, श्रद्धालुओं को मौसम, यातायात प्रबंधन और अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी समय पर प्राप्त हो। इसके लिए सोशल मीडिया का बेहतर प्रयोग किया जाए। होटल, गेस्ट हाउस एवं होम स्टे में चारधाम यात्रा संबंधित निर्देशिका कई भाषाओं में उपलब्ध कराना सुनिश्चित हो। इस निर्देशिका में चारधाम के साथ ही अन्य पर्यटक स्थलों की जानकारी भी हो।
वनाग्नि पर प्रभावी नियंत्रण के लिए भी अलर्ट मोड पर रहें अधिकारी
मुख्यमंत्री ने कहा, इस समय चारधाम यात्रा के साथ ही वनाग्नि को रोकना महत्वपूर्ण विषय है। वनाग्नि की रोकथाम के लिए वन विभाग के अलावा अन्य विभाग भी अलर्ट मोड पर रहें। वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए सूचना तंत्र और मजबूत किया जाए। क्विक रिस्पांस टाइम कम से कम किया जाए। वनाग्नि पर प्रभावी रोकथाम के लिए स्थानीय स्तर पर लोगों का सहयोग लिया जाए।
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पर्यटन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, अब तक 12.48 लाख यात्री पंजीकरण करा चुके हैं। इसमें केदारनाथ के लिए 4,22,129, बदरीनाथ धाम के लिए 3,56,716, गंगोत्री धाम के लिए 2,31,983, यमुनोत्री धाम के लिए 2,19,619 और हेमकुंड साहिब के लिए 17,684 यात्रियों ने पंजीकरण कराया है। सरकार को उम्मीद है कि इस बार भी चारधाम यात्रा में दर्शन करने वाले श्रद्धालु नया रिकॉर्ड बनाएंगे।