कुछ देर की बातचीत के बाद वह टिकट बुक करने के लिए सहमत हुआ। 12 टिकट के हिसाब से यात्रियों ने ऑनलाइन पेमेंट के तहत उसके दिए खाता नंबर पर 92880 रुपये ट्रांसफर कर दिए। कुछ देर में वरुण के व्हाट्सएप पर 12 टिकट भी उपलब्ध हो गईं।
इसके बाद वह, टिकट का प्रिंट लेकर पवनहंस के टिकट काउंटर पर पहुंचे तो पाया कि ये सभी टिकट फर्जी हैं। ठगे गए यात्रियों ने आरोपी को मोबाइल कॉल भी की, लेकिन उनकी कोई कॉल रिसीव नहीं हुईं। इसके बाद पीड़ित पक्ष गुप्तकाशी पुलिस थाना पहुंचा और आपबीती सुनाई।
पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर दिया गया है। साथ ही मोबाइल नंबर को सर्विलास पर लगाकर जांच शुरू कर दी है। इधर, पुलिस अधीक्षक डॉ. विशाखा अशोक भदाणे ने प्रदेश सराकर द्वारा अधिकृत वेबसाइट से ही टिकट बुकिंग करने को कहा है। इस यात्रा में हेलिकॉप्टर टिकट के नाम पर यात्रियों से ठगी के मामले में यह दूसरा मुकदमा दर्ज हुआ है। इससे पूर्व एक आरोपी को पुलिस गिरफ्तार भी कर चुकी है।