सभी जिलाधिकारियों को कहा कि वे अपने स्तर पर स्थानीय कार्ययोजना बनाते हुए सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। साथ ही संचार और सूचना के लिए एक ऐसी योजना भी बनाएं ताकि चारधाम परिसर में वहन क्षमता के अनुसार श्रद्धालुओं के होने पर व्यवस्थित तरीके से उन्हें निचले पड़ावों में रोका जा सके।
मुख्य सचिव ने कहा कि बारिश और बर्फबारी से श्रद्धालुओं को बचाने के लिए शेड आदि की भी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने चारों धामों में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के साथ ही कूड़ा निस्तारण और इसकी लगातार मॉनिटरिंग किए जाने के निर्देश दिए। इस अवसर पर विशेष प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एवं खेल तथा युवा कल्याण अभिनव कुमार, सचिव दिलीप जावलकर, अपर सचिव सोनिका सहित अन्य संबंधित विभागों के उच्चाधिकारी एवं संबंधित जिलों के जिलाधिकारी भी उपस्थित थे।
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मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि कूड़ा निस्तारण, बिजली, पानी सहित अन्य व्यवस्थाओं के लिए कार्यदायी संस्थाएं अपने दायित्वों का पूर्ण रूप से निर्वहन कर रही हैं या नहीं इसके लिए थर्ड पार्टी मॉनीटरिंग की व्यवस्था भी की जाए। अलग से सोर्स ऑफ इन्फॉर्मेशन विकसित किया जाए ताकि सही जानकारी मिल सके।