चारधाम यात्रा से जुड़े कारोबारियों ने सरकार और देवस्थानम बोर्ड के खिलाफ प्रदर्शन किया। कारोबारियों का आरोप है कि चारधाम यात्रा पर आ रहे तीर्थयात्रियों को काफी परेशानी से गुजरना पड़ रहा है, लेकिन सरकार इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। व्यापारियों ने विरोध में सरकार का पुतला फूंका। उन्होंने सरकार से शीघ्र तीर्थयात्रियों की सीमित संख्या की बाध्यता समाप्त करने और यात्रा को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने की मांग की गई।
सोमवार को जिला मुख्यालय में होटल एसोसिएशन के बैनरतले बड़ी संख्या में यात्रा कारोबारी भटवाड़ी टैक्सी स्टैंड पर एकत्रित हुए और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष शैलेंद्र मटूड़ा ने कहा कि चारों धामों में तीर्थयात्रियों की सीमित संख्या और ई-पास की बाध्यता के कारण तीर्थयात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वेबसाइट हैंग होने से रजिस्ट्रेशन भी नहीं हो पा रहा है, जिससे तीर्थयात्रियों के बुकिंग रद्द होने से उनके समक्ष आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। प्रदर्शनकारियों में राजेंद्र पंवार, रविंद्र नेगी, आशीष कुड़ियाल, बिंदेश कुड़ियाल, धनपाल पंवार, प्रकाश भद्री, अजय पुरी, धीरज सेमवाल, शूरवीर चौहान, सुरेश राणा, विजय चौहान, प्रीतम गुंबर, अरविंद कुरेती, विशेष जगूड़ी, प्रमोद राणा, लोकेश बधानी, दीनानाथ नौटियाल आदि शामिल रहे।
उधर, यमुनोत्री धाम के प्रमुख पड़ाव बड़कोट में भी यात्रा व्यवसायियों ने सीमित संख्या में तीर्थयात्रियों की बाध्यता को लेकर ढोल दमाऊं के साथ प्रदर्शन किया, जिसमें होटल व्यवसायी विशालमणी रतूड़ी, चंद्रमोहन, सोबत सिंह, धनवीर रावत, भगवान सिंह, कुलवीर सिंह, नरेश, सुरेंद्र रावत, चित्रमोहन आदि शामिल रहे।