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चारधाम 2018 :पत्थरों की बरसात से घंटों अवरुद्ध रहे यमुनोत्री, गंगोत्री और रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे

Thu, 19 Jul 2018 09:13 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उत्तरकाशी/बड़कोट
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बारिश के बाद सक्रिय हुए भूस्खलन से गंगोत्री और यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग घंटों तक बाधित रहे। इससे तीर्थयात्रियों सहित स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि बीआरओ और एनएच कर्मचारियों ने बुधवार दोपहर तक मलबा हटाकर यातायात सुचारु कर दिया।

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बुधवार तड़के हुई बारिश में हेलगूगाड़, थिरांग और गंगनानी में भारी मलबा आने से गंगोत्री हाईवे अवरुद्ध हो गया। सड़क बंद होने से गंगोत्री धाम की यात्रा पर जाने वाले तीर्थयात्रियों को भटवाड़ी आदि स्थानों पर ही रुकना पड़ा। हालांकि बीआरओ के जवानों ने पूर्वाह्न करीब 11 बजे सभी स्थानों से मलबा साफ कर यातायात बहाल कर लिया। इस दौरान तीर्थयात्रियों के साथ ही स्थानीय लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कांवड़ यात्रा सीजन के दौरान गंगोत्री हाईवे बार-बार बंद होने से कांवड़ यात्रियों में भी रोष व्याप्त है।

उधर, मंगलवार रात को बिना बारिश के ही ओजरी डबरकोट वाले हिस्से में भारी बोल्डर गिरने से यमुनोत्री हाईवे अवरुद्ध हो गया था। बुधवार सुबह भी यहां पहाड़ी से पत्थरों की बरसात जारी रही। भूस्खलन का सिलसिला थमने पर एनएच के कर्मचारियों ने मशीनों से मलबा साफ कर बुधवार दोपहर 12 बजे यातायात बहाल कर दिया। हालांकि यहां अब भी पहाड़ी से भारी बोल्डर गिरने का खतरा बना होने से यातायात खासा जोखिम भरा है। 

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18 घंटे बंद रहा रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे

तितवाड़ा के पास कुछ ऐसे थे हालात
तिलवाड़ा के रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राजमार्ग तिलवाड़ा में लीसा फैक्ट्री के समीप पहाड़ी से हुए भारी भूस्खलन के कारण 18 घंटे बंद रहा। हाईवे मंगलवार रात्रि 8 बजे बंद हो गया था जो बुधवार दोपहर 2.15 खुला। इस दौरान राजमार्ग पर दो तरफा वाहनों की लंबी कतार लगी रही। प्रशासन द्वारा जाम में फंसे यात्रियों/सवारियों को पानी, फल और जूस का वितरण किया गया। बाद में छोटे वाहनों को अन्यत्र वैकल्पिक संपर्क मोटर मार्गों से संचालित किया गया। कई लोग जंगल के रास्ते डेढ़ से दो किमी पैदल चलते हुए बाजारों तक पहुंचे।
 
ऑल वेदर रोड परियोजना के अंतर्गत हाईवे के चौड़ीकरण के लिए की गई कटिंग के बाद से लीसा फैक्ट्री के समीप भूस्खलन जोन सक्रिय हो रखा है। बीते मंगलवार को दिनभर भी कई बार पहाड़ी से मलबा गिरता रहा। एनएच द्वारा मशीनों से मलबा साफ कर यातायात बहाल किया गया, लेकिन रात्रि 8 बजे से पहाड़ी से शुरू भूस्खलन बुधवार तड़के से दोपहर तक भी रुक-रुककर होता रहा, जिस कारण एनएच द्वारा मलबा सफाई के प्रयास के बाद भी सफलता नहीं मिल पाई।

हाईवे पर दो तरफा वाहनों की लंबी कतार लगी रही। इस दौरान डीएम मंगेश घिल्डियाल, एसडीएम सदर देवानंद और तहसीलदार श्रेष्ठ गुनसोला ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। डीएम ने भूस्खलन जोन के निरीक्षण को लेकर भी एनएच को जरूरी निर्देश दिए। इसके बाद  प्रशासन द्वारा छोटे वाहनों को गंगतल-सिल्ली मार्ग से अगस्त्यमुनि के लिए रवाना किया गया, लेकिन बस व बड़े ट्रकों का संचालन रुका रहा। दोपहर 12.30 पहाड़ी से भूस्खलन थमने के बाद कार्यदायी संस्था द्वारा दो तरफा मशीनों से तेजी से मलबा की सफाई कर 2.15 बजे हाईवे को यातायात के लिए खोल दिया गया। इसके बाद ट्रक व बसों का संचालन शुरू हो पाया, जिस पर यात्रियों ने भी राहत की सांस ली।  
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