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बदरीनाथ हाईवे हुआ खतरनाक, वाहनों पर गिरे पत्थर

Fri, 18 Jul 2014 01:47 PM IST
अमर उजाला, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, गोपेश्वर
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रुक-रुक कर हो रही बरसात ने बदरीनाथ हाईवे को और भी ज्यादा खतरनाक बना दिया। शुक्रवार दोपहर लगभग 12:30 बजे हाईवे पर खड़े वाहनों पर पहाड़ी से पत्थर गिरने लगे।
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मलबा आने से बदरीनाथ हाईवे फिर से बंद हो गया, जिससे हाईवे खुलने के इंतजार में गाड़ियों की कतार लग गई थी। उसी समय ऊपर पहाड़ी से पत्थर गिरने लगे। जब यह हादसा हुआ तो वाहन में कोई नहीं था। हादसे में एक वाहन क्षतिग्रस्त हुआ है। यह घटना सिरोहबगड़ में हुआ।

भारी बारिश की चेतावनी जारी
मौसम विभाग ने 19 जुलाई को उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, उधमसिंहनगर, बागेश्वर, नैनीताल, अल्मोड़ा में 30-75 मिमी तक की भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
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आपदा प्रबंधन सचिव भास्करानंद ने बताया कि मौसम विभाग के अलर्ट को ध्यान में रखते हुए शासन ने 19 को भी चारधाम यात्रा स्थगित करने के निर्देश दिए हैं।

इसके पहले केदारनाथ यात्रा 18 तक स्थगित थी। बदरीधाम जाने वाले करीब 400 तीर्थयात्रियों को जोशीमठ में ही रोक दिया गया। उत्तरकाशी जिला प्रशासन ने बृहस्पतिवार देर शाम 18-19 जुलाई को गंगोत्री-यमुनोत्री की यात्रा पर रोक का आदेश जारी कर दिया।

इससे पहले केंद्रीय कैबिनेट सचिव अजीत सेठ ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये उत्तराखंड की स्थिति का जायजा लिया। बृहस्पतिवार को भी केदारनाथ और बदरीनाथ की यात्रा पूरी तरह थमी रही।

बुधवार रात की भारी बारिश के बाद लामबगड़ में बंद बदरीनाथ हाईवे बृहस्पतिवार को शाम पांच बजे 19 घंटे के बाद खुल गया था। इसके बाद बदरीनाथ धाम में बुधवार से रुके 153 तीर्थयात्री गंतव्य के लिए रवाना हुए थे।

केदारनाथ-लिनचोली से 174 यात्री न‌िकाले

खराब मौसम के कारण बुधवार को केदारनाथ और लिनचोली में रोके गए 182 श्रद्धालुओं में से 174 प्रशासन की निगरानी में सोनप्रयाग पहुंचे और गंतव्य को रवाना हुए थे। 184 में से बीस श्रद्धालु तो बृहस्पतिवार को लिनचोली से केदारनाथ जाकर बाबा के दर्शन कर लौटे।

बृहस्पतिवार को केदारधाम जाने वाले आठ श्रद्धालु प्रशासन की देखरेख में अभी लिनचोली में रुके। डीएम राघव लंगर ने बताया कि इन्हें भी सोनप्रयाग लाया जाएगा।

बृहस्पतिवार को रुद्रप्रयाग में दिन भर मौसम साफ रहने के बावजूद केदारनाथ हाईवे के बंद होने का सिलसिला जारी रहा। बृहस्पतिवार को 39 यात्री गंगोत्री और 78 यात्री यमुनोत्री गए। 558 कांवड़िये भी गंगोत्री पहुंचे।

स्थिति से निपटने को तैयार रहने का सुझाव
रुद्रप्रयाग से मिली खबर के मुताबिक मौसम विज्ञान केंद्र ने केदारनाथ धाम के लिए मौसम का जो साप्ताहिक पूर्वानुमान जारी किया है, उसके अनुसार 19 जुलाई को 30 से 60 एमएम बारिश होने की संभावना है।

केंद्र ने 19 जुलाई को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने का सुझाव दिया है। 18 जुलाई को भी नैनीताल जिले में 35-64 मिमी तक की बरसात की संभावना जताई है।

बदरीनाथ और हेमकुंड के लिए रजिस्ट्रेशन बंद

पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बारिश के चलते केदारनाथ के बाद बदरीनाथ और हेमकुंड यात्रा पर भी रोक लगा दी गई है। यात्रा प्रशासन संगठन के आदेश पर त्रिलोक सिक्योरिटी सिस्टम कंपनी ने धामों के लिए बायोमेट्रिक पंजीकरण बंद कर दिया है।

यात्रियों को ऋषिकेश में ही रुकने के लिए कहा जा रहा है। बहरहाल, गंगोत्री और यमुनोत्री के लिए पंजीकरण किए जा रहे हैं।
बीते वर्ष केदारनाथ आपदा से हुई त्रासदी से सबक लेते हुए इस बार शासन और प्रशासन अलर्ट है।

रुद्रप्रयाग प्रशासन से दिशा-निर्देश मिलने पर यात्रा प्रशासन संगठन ने बीते रोज केदारनाथ के लिए पंजीकरण बंद करा दिए थे। वहीं, बृहस्पतिवार को चमोली प्रशासन ने भी अग्रिम आदेशों तक बदरीनाथ और हेमकुंड यात्रा के लिए पंजीकरण बंद करने को कहा है।

यात्रा प्रशासन संगठन के वैयक्तिक सहायक एके श्रीवास्तव ने बताया कि इससे संबंधित सूचना बीटीसी परिसर में चस्पा कर दी गई है।

पंजीकरण के लिए अधिकृत कंपनी को भी पंजीकरण बंद करने को कहा गया है। बताया कि अग्रिम आदेश तक धामों के लिए पंजीकरण बंद रहेंगे।
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छह घंटे अवरुद्ध रहे गंगोत्री-यमुनोत्री हाईवे

गंगोत्री-यमुनोत्री हाईवे के हर रोज अवरुद्ध होने का सिलसिला जारी है। बृहस्पतिवार को भी दोनों हाईवे भूस्खलन से कई स्थानों पर घंटों अवरुद्ध रहे। इससे स्थानीय लोगों के साथ ही तीर्थयात्रियों और कांवड़ियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

बुधवार रात तेज बारिश होने से गंगोत्री हाईवे के रतूड़ीसेरा, नेताला, लालढांग, मल्ला आदि स्थानों पर भूस्खलन का मलबा आ गया। इससे बृहस्पतिवार को हाईवे पर घंटों तक यातायात अवरुद्ध रहा।

बीआरओ ने कुछ स्थानों पर तो प्रात: नौ बजे यातायात बहाल कर लिया, लेकिन मल्ला में पूर्वाह्न 11 बजे यातायात चालू हो पाया। यमुनोत्री हाईवे भी रानाचट्टी के पास अवरुद्ध हुआ। एनएच ने पूर्वाह्न 11 बजे मलबा साफ कराकर यातायात बहाल किया।
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