उन्होंने मंदिरों और यात्रा की व्यवस्था में सुधार के लिए कई सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री चाहते हैं कि चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं में सुधार के साथ हर हाथ को काम भी मिले। कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने पलायन ने कहा कि पलायन रोकने के लिए चारों धामों में तीर्थाटन के कारोबार को ज्यादा से ज्यादा बढ़ावा देना होगा।
बैठक में पूर्व सांसद मनोहर कांत ध्यानी ने कहा कि एक व्यक्ति विशेष का नहीं बल्कि समाज के हित को ध्यान में रखकर कार्य होना चाहिए। इसमें सबकी सहमति भी आवश्यक है। चारधाम विकास परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष अनुसूइया प्रसाद मैखुरी ने कहा कि दलगत राजनीति से ऊपर उठकर देश व प्रदेश हित में सबको मिलकर काम करना होगा।
उन्होंने चारों धामों लोगों को साथ लेकर व्यवस्थाएं बनाने का सुझाव दिया। विधि आयोग के अध्यक्ष जस्टिस राजेश टंडन ने कहा कि एक्ट बनने और उसके लागू होने के बाद चारों धामों की यात्रा व्यवस्था में कई बड़े सुधार होंगे। बैठक में कृष्ण कांत कोठियाल, हरीश डिमरी, महेश बग्वा़ड़ी, जगमोहन उनियाल, कृतेश्वर उनियाल, राकेश सेमवाल, पोस्ती जी, परिषद के ओएसडी प्रवीण ममगाई एवं सभी धामों के कई प्रमुख लोग उपस्थित थे।