केदारनाथ धाम के लिए मंगलवार से हवाई सेवाएं शुरू हो गई हैं। प्रदेश शासन ने चार एवीएशन कंपनियों को सेवा की अनुमति दी है।
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हवाई सेवा शुरू होने से धाम में दिन भर हेलीकाप्टर उड़ान भरते रहे। कंपनियां केदारनाथ आने-जाने का किराया प्रति यात्री 7200 रुपए लेंगी।
यात्राकाल में केदारनाथ धाम के लिए मस्ता, नारायणकोटी, मैखंडा, फाटा और शेरसी से नियमित हवाई सेवाएं चलती हैं। हर साल सैकड़ों यात्री हेलीकाप्टर से केदारनाथ यात्रा करते रहे हैं।
पिछले वर्ष तक केदारनाथ मंदिर के कपाट खुलने के कुछ दिन बाद डीजीसीए (डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एवीएशन) और उत्तराखंड शासन हवाई सेवा की अनुमति देते थे।
इस बार 15 दिन से ऊपर बीत जाने के बाद भी अनुमति नहीं मिल पाई थी। इस बीच हेली सर्विस ऑपरेटर्स (एवीशन कंपनी) ने यात्रियों की एडवांस बुकिंग शुरू कर दी थी।
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कई यात्री हवाई सेवा शुरू नहीं होने पर बिना दर्शन लौट गए। जिलाधिकारी डॉ. राघव लंगर ने बताया कि शासन ने पवन हंस, आर्यन एवीएशन, हिमालयन हेली और यूटी एअर को अनुमति दी है। इस वर्ष किराए में 500 रुपए की कटौती भी गई है।
अभी तक शुरू नहीं ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया
चारधाम यात्रा सीजन शुरू हुए एक पखवाड़े से अधिक बीत गया गया है। फिर भी यात्रियों के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पा रही है।
बुधवार सुबह आठ बजे तक 522 श्रद्घालु सोनप्रयाग से केदारनाथ के लिए रवाना हुए। इसके साथ ही 86 यात्री यात्रा कर वापस लौटे।
बुधवार को लगभग 106 लोगों ने केदारनाथ जाने के लिए अपना नाम रजिस्टर करवाया।
यात्रियों का पूरा ब्यौरा जमा नहीं
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन न होने से प्रशासन के पास यात्रियों का पूरा ब्यौरा जमा नहीं हो रहा है। पिछले साल उत्तराखंड में चार धाम यात्रा के दौरान आई जल प्रलय में सैकड़ों यात्री मारे गए थे।
कई यात्रियों के बारे में यह आज तक पता नहीं लग पाया है कि जल प्रलय के वक्त वे कहां थे। इस कारण भी बचाव कार्यों में दिक्कत आई।
इसे देखते हुए प्रशासन ने इस बार चार धाम यात्रा पर जाने वाले सभी यात्रियों का ऋषिकेश में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करने का दावा किया था।
बायोमैट्रिक सिस्टम भी नहीं हो पाया शुरु
ऋषिकेश में यात्रियों को बायोमैट्रिक कार्ड जारी होना था। योजना के तहत चारों धाम में लगी मशीन में स्वैपिंग के बाद ही यात्री को धाम तक जाने की अनुमति मिलती।
जिससे यात्री की लोकेशन और वाहन आदि के बारे में पूरा विवरण प्रशासन के पास रहता।
चार धाम यात्रा नोडल अफसर वाईके गंगवार ने बताया कि चार धाम में पूरी तरह से कनेक्टिविटी न होने की वजह से बायोमैट्रिक सिस्टम शुरू नहीं हो पा रहा है।
इसके लिए कंपनी अब वी-सेट लगा रही है। 15 जून तक इस प्रक्रिया को शुरू कर दिया जाएगा।
नैनीताल उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश बारिन घोष ने मंगलवार को पत्नी उमा घोष के साथ बदरीनाथ धाम में मत्था टेका।
मुख्य न्यायाधीश ने करीब बीस मिनट तक बदरीनाथ गर्भगृह में भगवान बदरीनाथ की पूजा-अर्चना की। मुख्य न्यायाधीश हेलीकाप्टर से सुबह साढे़ नौ बजे बदरीनाथ धाम पहुंचे और दो घंटे धाम में बिताए।
इस दौरान उन्होंने बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह से आपदा के बाद धाम की तीर्थयात्रा के बारे में भी जानकारी ली।
जलप्रलय में फंसे एमपी के यात्री फिर आए बदरीनाथ पिछले वर्ष जलप्रलय के दौरान बदरीनाथ धाम के दर्शन किए बिना लौटने वाला मध्य प्रदेश के अवंतिका मोहना गांव का एक परिवार फिर बदरीनाथ के दर्शन के लिए पहुंचा है।
बदरीनाथ में अटूट आस्था रखने वाले इन तीर्थयात्रियों आत्माराम, हरि नारायण, हंसराज, रामचंद्रा, मांगीलाल, हजारी राम, कमला बाई, कृष्णा बाई और शांता बाई के चेहरों पर आपदा का कोई खौफ नजर नहीं आ रहा है।