ये निर्देश भी दिए
- आपात स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के साथ लगातार समन्वय स्थापित रखा जाए।
- होटल, ढाबे, टेंट, घोड़ा-खच्चर संचालक, पालकी संचालक, टैक्सी चालक सहित यात्रा से जुड़े सभी सेवा प्रदाताओं और अस्थायी रूप से कार्यरत स्थानीय व बाहरी व्यक्तियों का अनिवार्य सत्यापन किया जाए।
- सोशल मीडिया और मीडिया ब्रीफिंग के माध्यम से यात्रियों को समय-समय पर सही सूचनाएं उपलब्ध कराई जाएं।
- चारधाम यात्रा के दौरान भ्रामक सोशल मीडिया पोस्टों पर सख्त तत्काल कार्रवाई की जाए।
- दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे के संचालन से राज्य में आने वाले वाहनों की संख्या में भारी वृद्धि होगी जिसके लिए एक प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए।
- मंदिर परिसरों में मोबाइल फोन व कैमरा के प्रयोग पर एसओपी का सख्ताई से पालन कराया जाए।
- ब्लॉगर और यूट्यूबरों की गतिविधियों पर भी सतर्क दृष्टि रखी जाए।
- सुरक्षा के मद्देनजर, धामों पर निजी ड्रोनों के संचालन के संबंध में जारी की गई एसओपी का कड़ाई से पालन कराया जाए।