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चारधाम यात्रा 2021: धारा 144 के बीच शुक्रवार को धाम के लिए प्रस्थान करेगी बाबा केदार की डोली

Thu, 13 May 2021 08:46 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ऊखीमठ

सार

कोरोना संक्रमण के चलते पैदा हुई परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने 13 मई की शाम 5 बजे से 15 मई तक डोली के धाम पहुंचने तक धारा 144 लागू कर दी है।
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केदारनाथ की डोली - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
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केदारनाथ की चल उत्सव विग्रह डोली शुक्रवार को धारा 144 के बीच अपने धाम के लिए प्रस्थान करेगी। इस दौरान पंचकेदार गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर परिसर के 50 मीटर के दायरे में प्रवेश निषेध होगा। डोली के धाम पहुंचने के साथ ही धारा 144 स्वत: समाप्त हो जाएगी। प्रशासन, पुलिस और देवस्थानम बोर्ड ने डोली प्रस्थान की सभी तैयारियां पूरी कर दी हैं। डोली के साथ 28 लोगों का दल जाएगा धाम जाएगा।

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कोरोना संक्रमण के चलते पैदा हुई परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने 13 मई की शाम 5 बजे से 15 मई तक डोली के धाम पहुंचने तक धारा 144 लागू कर दी है। उप जिलाधिकारी जितेंद्र वर्मा ने बताया कि ओंकारेश्वर मंदिर में होने वाली भैरवनाथ पूजा के दौरान 20 मीटर के दायरे में अन्य लोगों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है। साथ ही बाबा केदार की डोली के अपने धाम केदारनाथ प्रस्थान के दौरान सीमित लोगों के अलावा अन्य के प्रवेश पर 50 मीटर के दायरे में प्रतिबंध रहेगा।

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उन्होंने बताया कि केदारनाथ के लिए प्रशासन द्वारा देवस्थानम बोर्ड के 14 अधिकारी/कर्मचारी व 14 हक-हकूकधारियों को अनुमति दी गई है। हक-हकूकधारी केदारनाथ डोली पहुंचाने के बाद वापस आ जाएंगे। डोली प्रस्थान की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। भारत व राज्य सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन के तहत सभी धार्मिक गतिविधियों का संपादन किया जाएगा। बताया कि धार्मिक आस्था के साथ कोरोना से बचाव के लिए जरूरी इंतजाम किए गए हैं।

समाधिस्थल की परिक्रमा भी करेगी डोली
परंपराओं के तहत बाबा केदार की चल उत्सव विग्रह डोली पंचकेदार गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ से धाम के लिए प्रस्थान करते समय समाधिस्थल की परिक्रमा भी करेगी। इसके बाद डोली को वाहन में विराजमान कर सीधे विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी पहुंचाया जाएगा। यहां पर अल्म विश्राम व पूजा-अर्चना के बाद डोली वाहन से रात्रि प्रवास के लिए गौरीकुंड पहुंचेगी। जबकि 15 मई को डोली गौरीकुंड से प्रस्थान करते हुए जंगलचट्टी, भीमबली, लिनचोली, रुद्रा प्वाइंट होते हुए केदारनाथ पहुंचेगी। यहां पर दो दिन विश्राम के बाद 17 मई को तय समय व लग्न पर भगवान केदारनाथ के मंदिर के कपाट खोले जाएंगे।

20 कर्मचारी रोटेशन में देंगे ड्यूटी
देवस्थानम बोर्ड के कार्याधिकारी एनपी जमलोकी ने बताया कि कपाटोद्घाटन के बाद पूरे यात्राकाल में 20-20 कर्मचारी केदारनाथ में रोटेशन के तहत ड्यूटी देंगे। बताया कि कोरोना के चलते यात्रा स्थगित होने के कारण धाम में प्रतिदिन इन कर्मियों के द्वारा पूजा-अर्चना की व्यवस्था की जाएगी।
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शुक्रवार को धाम के लिए प्रस्थान करेंगे तृतीय केदार 
शुक्रवार को तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ की चल उत्सव विग्रह डोली शीतकालीन गद्दीस्थल माकर्ण्डेय मंदिर मक्कूमठ से अपने धाम के लिए प्रस्थान करेगी। इस संबंध में प्रशासन, हक-हकूकधारियों एवं जनप्रतिनिधियों की बैठक में डोली कार्यक्रम व कपाटोद्घाटन पर चर्चा की गई। बैठक में सर्व सम्मति से निर्णय लिया गया कि डोली प्रस्थान पर पोणखी में लगने वाला सामूहिक भोग इस बार एक व्यक्ति के द्वारा ही लगाया जाएगा। इस भोग में गांव के सभी परिवारों से नए अनाज से बनी सामग्री शामिल होगी। इधर, तहसीलदार दीवान सिंह राणा ने बताया कि तृतीय केदार की डोली के साथ धाम प्रस्थान के लिए 20 लोगों को अनुमति दी गई है। इन सभी लोगों का कोरोना टेस्टिंग के साथ ही वैक्सीनेशन हो चुका है।

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